जींद/उचाना/नरवाना। कृषि कानूनों के विरोध में खटकड़ और बद्दोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का धरना लगातार जारी है। खटकड़ टोल पर किसानों ने कहा कि चढूनी विवाद पर सरकार आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। जब तक कृषि कानून वापस नहीं होते धरना जारी रहेगा। बुधवार को किसान मोर्चा के आह्वान पर गुरु गोविंद सिंह जयंती के उपलक्ष्य में गुरु पर्व मनाया जाएगा।
सफा खेड़ी के पूर्व सरपंच कृष्ण श्योकंद ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर किसान धरना दे रहे हैं। किसान संयम व अनुशासन से अपने हकों की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसान अब तय कर चुके हैं कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होते तब तक घर वापसी नहीं करेंगे। किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि गुरनाम सिंह चढूनी सरकार को सपने में भी दिख रहे हैं। गुरनाम सिंह चढूनी न तो बिकेगा न ही झुकेगा। इस मौके पर सतबीर पहलवान, रामनिवास करसिंधु, नेहरा खाप के प्रधान उदयवीर नेहरा, भारतीय किसान यूनियन की महिला सेल जिलाध्यक्ष सिक्किम सफा खेड़ी, बिजेंद्र संधु, राकेश खटकड़, भरत सिंह, ईश्वर, अमरजीत, कैप्टन वेदप्रकाश, कैप्टन भूपेंद्र, लीला छापड़ा, मेवा करसिंधु, राजेंद्र बरसोला मौजूद रहे।
ठंड में साइकिल पर टीकरी बॉर्डर जा रहे किसान को खिलाए लड्डू
कृषि कानूनों के विरोध में 26 नवंबर से दिल्ली बॉर्डर पर किसान धरना दे रहे हैं। सफा खेड़ी के पास पंजाब के गुरदासपुर से इस सर्दी में साइकिल से टीकरी बॉर्डर पर किसान दया सिंह को जाते देख उचाना के युवा सोनू करसिंधु व अश्वनी सुदकैन कलां ने रुकवाया। किसान को खोवे के लड्डू खिलाने के साथ उसको सैल्यूट भी किया। सोनू करसिंधु व अश्वनी सुदकैन कलां ने कहा कि पहले जवान अब किसान को जाते देख सैल्यूट करने को दिल करता है। इस सर्दी के मौसम में जहां पूरे दिन घर से बाहर निकलने को मन नहीं करता, दूसरी तरफ पंजाब से साइकिल पर 500 किलोमीटर दूर टीकरी बॉर्डर के लिए पंजाब के अलावा हरियाणा से भी किसान जा रहे हैं। साइकिल पर इस सर्दी के मौसम में जाना बहुत बड़ी बात है। किसानों का हर किसी को सम्मान करना चाहिए।
कंडेला खाप से एक हजार ट्रैक्टरों का जत्था दिल्ली के लिए होगा रवाना
गांव कंडेला में कंडेला खाप की बैठक सर्वजातीय खाप चबूतरे पर प्रधान व खाप पंचायतों के राष्ट्रीय संयोजक टेकराम कंडेला की अगुवाई में हुई। इसमें दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के बारे में रणनीति बनाई गई।
कंडेला ने कहा कि कंडेला खाप से एक हजार ट्रैक्टरों का जत्था 24 जनवरी को जींद बाईपास से रवाना होगा। सभी किसान अपने ट्रैक्टर ट्रालियों में आंदोलन के लिए जरूरी चीज जैसे आटा, दाल, चावल, दूध, दही, लस्सी तथा अन्य खाद्य सामग्री साथ में लेकर चलेंगे। पंचायत में मांग की गई कि कृषि कानूनों को वापस लिया जाए, एमएसपी की गारंटी का कानून बनाया जाए, स्वामीनाथन रिपोर्ट पूरी तरीके से लागू करना तथा किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनके सभी ऋण माफ करना व खेती से जुड़ी सभी जरूरी चीजों के लिए बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराना शामिल है। कंडेला ने कहा कि सभी किसान अपने ट्रैक्टर के साथ शांतिपूर्वक तरीके से तथा यातायात के नियमों को ध्यान में रखकर रैली में हिस्सा लें। किसान आंदोलन को चलते हुए बहुत समय बीत चुका है। अब सरकार को किसानों की सभी मांगें मान लेनी चाहिए। इस अवसर पर भीरा दालमवाला, रामनिवास शाहपुर, नरेंद्र खटकड़, मेहताब अहलावत, रामदिया खोखरी, दलीप सिंह पिलानिया, गंगा लाठर, राज सिंह कंडेला, अजमेर सरपंच, प्रदीप शर्मा, ओमप्रकाश, राजबीर सिंह, छज्जूराम मौजूद रहे।
खटकड़ टोल के पास धरने पर पहुंचे विभिन्न गांवों के किसान। संवाद- फोटो : Jind