जेजेपी कार्यालय के पास रोड़े को जेसीबी से ट्रॉली में डालता कर्मचारी। संवाद
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पुराना रजवाहा रोड स्थित जेजेपी कार्यालय में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के निजी सचिव प्रो. जगदीश सिहाग के पहुंचने के विरोध में सैकड़ों किसान काले झंडे लेकर पहुंच गए। किसानों ने दिन भर कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। सुरक्षा की दृष्टि से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की सुरक्षा में ही कार्यालय के अंदर लोगों की समस्याएं सुनी गईं।
दरअसल सुबह दस बजे प्रो. जगदीश सिहाग कार्यालय पहुंचे। इसकी सूचना मिलने पर सुबह 11 बजे किसान भी यहां पहुंचना शुरू हो गए। इसको देखते हुए पुलिस के अलावा आईटीबीपी के जवानों को भी तैनात कर दिया गया। रोडवेज जीएम बिजेंद्र सिंह, डीएसपी पुष्पा खत्री, एसडीएम प्रीतपाल व तहसीलदार रामचरण शर्मा आदि अधिकारियों की ड्यूटी भी यहां पर लगाई गई थी। किसान काले झंडे व डंडे लेकर विरोध करने पहुंचे। महिलाओं की संख्या भी काफी ज्यादा थी। ट्रैक्टरों में आस-पास के गांवों से किसान जेजेपी कार्यालय के पास पहुंचने लगे। किसानों ने प्रशासन को दोपहर दो बजे का समय दिया कि अगर आधा घंटे तक प्रोफेसर सिहाग कार्यालय से नहीं गए तो किसान इसका कड़ा विरोध करेंगे। किसानों के इस फैसले के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आधा घंटे तक कार्यालय से प्रोफेसर जगदीश सिहाग के नहीं जाने पर किसानों ने विरोध जताया।
किसान नेता की बिगड़ी तबीयत
कार्यालय के दूसरे गेट के पास बैठे किसानों में से किसान नेता आजाद पालवां की तबीयत अचानक खराब होने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। किसानों ने मंच से सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। सर्व जातीय खेड़ा खाप प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि किसानों द्वारा किसान आंदोलन तक उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, सांसद बृजेंद्र सिंह के अलावा जो भी भाजपा व जेजेपी के मंत्री हैं, उनका विरोध किया जाएगा।
जेजेपी कार्यालय के पास नारेबाजी करतीं महिलाएं। संवाद - फोटो : Jind
जेजेपी कार्यालय के मुख्य गेट पर खड़े पुलिसकर्मी और उसके आगे धरना देते किसान। संवाद।- फोटो : Jind