संडील गांव में धरने पर बैठे किसानों को समझाते नायब तहसीलदार रामशरण शर्मा।
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संडील गांव के किसानों द्वारा शुक्रवार को टंकी से कूदकर जान देने की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन अमले ने किसानों के धरने के बीच पहुंचकर मामले का पटाक्षेप कर दिया है। जिला प्रशासन की तरफ से तहसीलदार रामशरण शर्मा तथा नगूरां चौकी प्रभारी महेंद्र सिंह ने किसानों से उनकी मांगों को जिला प्रशासन द्वारा पूरा करवाने की बात कही, लेकिन किसान समय सीमा निर्धारित करने की मांग की। इस पर एक सप्ताह में एसएचओ अलेवा को बर्खास्त करने और दूसरी मांग को लेकर एक माह का समय दिया गया।
किसानों की मांगों को लेकर तहसीलदार ने किसानों की उचाना के एसडीएम राजेश कोथ से मोबाइल फोन पर बात करवाई और उनको धरना समाप्त करने के लिए सहमत कर लिया। किसान बलजीत, श्रीपाल ने तहसीलदार को बताया कि वे नौ माह से न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, पर उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। एसएचओ अलेवा उनको गालियां देता है। उसके खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अगर किसान ने किसी अधिकारी तथा नेता के खिलाफ इस प्रकार की भाषा इस्तेमाल की होती तो उसे सलाखों के पीछे भेज दिया गया होता।
29 को करवाया जाएगा अंगूठों और हस्ताक्षरों का मिलान
सहायक रजिस्ट्रार संदीप खटकड़ ने बताया कि किसानों की मांग पर एसडीएम कार्यालय उचाना में 29 सितंबर को 23 किसानों के हस्ताक्षरों और अंगूठों का मिलान करवाया जाएगा। इसके लिए 23 किसानों को नोटिस भेज दिए जाएंगे। किसानों ने मांग रखी कि वे अपनी गाड़ी से उचाना नहीं जाएंगे, जिस पर तहसीलदार ने उनके लिए सरकारी गाड़ी की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। किसानों ने 23 किसानों के अलावा दूसरे किसानों के अंगूठों तथा हस्ताक्षर के भी मिलान करवाने की बात कही। इस पर सहायक रजिस्ट्रार संदीप खटकड़ ने जल्द ही अन्य किसानों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही।
जांच प्रक्रिया होगी तेज, नहीं बख्शे जाएंगे आरोपी : एसडीएम
एसडीएम राजेश कोथ ने कहा कि संडील गांव के किसानों द्वारा गांव के जलघर में दिए जा रहे धरने पर उनकी तरफ से तहसीलदार को मौके पर भेजा गया था। मामले की तेजी से जांच की जाएगी। एसएचओ अलेवा के खिलाफ एसपी से बात हो चुकी है। किसानों द्वारा लगाए गए एसएचओ अलेवा पर आरोप की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।