27जेएनडी13: स्प्रे तकनीक व माली प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद किसान। स्रोत किसान
- फोटो : रायबरेली में बछरावां थाना में डंपर मालिक और एआरटीओ से होती बहस।
जींद। कृषि विज्ञान केंद्र की तरफ से अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिभागियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम पिंडारा में संपन्न हुआ। स्प्रे तकनीक और माली प्रशिक्षण विषय पर आधारित इस कार्यक्रम में जिले के कई किसानों और युवाओं ने भाग लेकर आधुनिक खेती की बारीकियों को समझा।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ समन्वयक डॉ. नीरज पवार ने कहा कि फसलों में अंधाधुंध कीटनाशकों के प्रयोग के बजाय वैज्ञानिक स्प्रे तकनीक को अपनाना चाहिए। उन्होंने दवाओं की सटीक मात्रा, छिड़काव का सही समय और सुरक्षा उपकरणों के महत्व पर जोर दिया। डॉ. पवार के अनुसार, सही तकनीक न केवल उत्पादन बढ़ाती है बल्कि खेती की लागत में भी प्रभावी कमी लाती है।
प्रशिक्षण के समन्वयक ईआर रवि और डॉ. प्रीति मलिक ने उन्नत नर्सरी प्रबंधन और पौध उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों पर व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बीज उपचार और रोग नियंत्रण के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार किए जा सकते हैं, जो भविष्य में बेहतर आय का स्रोत बनते हैं। विशेषज्ञों ने स्प्रे मशीनों के रखरखाव, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन और कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग के बारे में किसानों की शंकाओं का समाधान किया। संवाद