17जेएनडी21: घोघड़िया परचेज सेंटर पर कच्चे में उतारी गई गेहूं। संवाद
उचाना। घोघड़िया परचेज सेंटर पर किसान, आढ़ती काफी लंबे समय से पक्का करने की मांग करते आ रहे हैं। यहां पर साल दर साल गेहूं की आवक बढ़ती है। जो परचेज सेंटर है उसका कुछ हिस्सा पक्का है। काफी सालों से कच्चे में ही किसान अपनी फसल को उतारने पर मजबूर हैं। कई बार किसान, आढ़ती घोघड़िया परचेज सेंटर का दर्जा बढ़ा कर सब यार्ड बनाने की मांग भी कर चुके है।
सब यार्ड बनना तो दूर जो परचेज सेंटर है उसका ही नए सिरे से निर्माण नहीं करवाया जा रहा है। यहां पर घोघड़िया, बड़ौदा, रोजखेड़ा, कसूहन, कालता-भौंसला, कुचराना सहित आस-पास के गांवों के किसान अपनी फसल लेकर आते हैं। फसल के सीजन में तो अस्थाई तौर पर यहां पर बिजली, पानी की व्यवस्था की जाती है लेकिन जो प्रमुख समस्या परचेज सेंटर पर कच्चे में गेहूं उतारे जाने की है वो समस्या दूर नहीं हो रही है।
आढ़ती रामकुमार, बिजेंद्र, दीपक, जोगीचंद, सुनील, विक्रम, सतीश ने कहा कि दस सालों से परचेज सेंटर पर बढ़ रही गेहूं की आवक को देखते हुए सब यार्ड बनाने की मांग भी आढ़ती करते आ रहे हैं। किसानों को कच्चे में अपनी फसल उतारनी पड़ रही हैं। बारिश होने पर सबसे अधिक परेशानी होती है। सब यार्ड की मंजूरी को लेकर मार्केटिंग बोर्ड मुख्यालय फाइल गई हुई है। ग्राम पंचायत सब यार्ड को लेकर 15 एकड़ जमीन देने को भी तैयार है।