जींद। सहायक कृषि अभियंता विजय कुंडू ने धान के फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में किसानों को जागरूक किया।
सरकार की चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि एक एकड़ में लगभग दो टन पराली का उत्पादन होता है। इसकी गांठ बेचने पर किसान की अच्छी आमदनी होती है। पोर्टल पर पंजीकरण करवाने पर उनको एक हजार रुपये प्रति एकड़ का लाभ दिया जाता है। किसान सरकार की क्रियांवित की जा रही फसल अवशेष प्रबंधन योजना का लाभ उठाएं।
विजय कुंडू ने कहा कि किसान कृषि यंत्रों से पराली को मिट्टी में मिलाकर भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ा सकते हैं या स्ट्रा बेलर मशीन से पराली की गांठ बनाकर एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि ले सकते हैं। योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों पर सुपर सीडर, जीरो टिलेज मशीन, स्ट्रा चोपर, हैपी सीडर एवं रिवर्सिबल प्लो अनुदान पर दिए जाते हैं। सीएससी के माध्यम से किसान प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर किसी भी प्रकार की जानकारी लेनी है तो कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है। इस दौरान उनके साथ विभाग कर्मचारी विक्रम चोपड़ा, निशा हुड्डा, समीक्षा, कुलदीप शर्मा भी साथ रहे।