संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिले में बंद का काफी असर देखा गया। जींद शहर में दो घंटे के लिए दुकानदारों ने दुकानें बंद कीं तो जुलाना, नरवाना, उचाना और सफीदों में बाजार बंद का काफी असर देखने के लिए मिला। किसानों ने जहां जुलानी गांव, नरवाना, सफीदों व जुलाना में रेलवे ट्रैक जाम किए, वहीं सिंधवी खेड़ा, किनाना, गतौली, रामराय, खटकड़, नरवाना, बद्दोवाल, नगूरां, कंडेला सहित 38 से अधिक स्थानों पर सड़कें जाम कीं। पूरा दिन किसानों ने इन स्थानों पर धरना दिया। भारत बंद के आह्वान के कारण रोडवेज बसें भी पूरा दिन बंद रहीं। शाम को पांच बजे के बाद ही बसें चलीं। रोडवेज प्रशासन ने बस स्टैंड पर ताला लगा दिया था। किसान नेताओं ने इस बंद को पूरी तरह से सफल बताते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो इससे भी कड़े फैसले लेने पर मजबूर होंगे। जाम के दौरान एंबुलेंस तथा बरात की गाड़ियों को जाने दिया।
सुबह छह बजे ही जिले में बंद का असर दिखाई देने लगा था। सुबह छह बजे काफी संख्या में किसान जींद-बठिंडा रेलवे लाइन पर गांव जुलानी के पास धरना देकर बैठ गए थे। यहां दोपहर तक काफी संख्या में किसान जमा हो गए। इसके अलावा उचाना में भी जुलाना, सफीदों और नरवाना में भी रेलवे ट्रैक पर किसानों ने धरना दिया। कई स्थानों पर किसानों ने सड़कों पर पेड़ काटकर गिरा दिए तो कई स्थानों पर ट्रैक्टर-टॉली खड़ी कर सड़क जाम कर दी। जामनी गांव में लगाए गए जाम के दौरान एक बरात की गाड़ी जब जाम से निकलने लगी तो कुछ युवाओं ने विरोध किया, लेकिन यहां मौजूद कालवा बारह प्रधान दिलबाग कुंडू, करनैल देशवाल, दिनेश जामनी, विजेंद्र कुंडू भूराण, बलराज धड़ौली, संसार देशवाल, साहिल जामनी ने युवाओं को समझाकर बरात को जाने दिया।
भारत बंद का जुलाना में रहा पूरा असर, बाजार रहे बंद, गतौली, नई अनाज मंडी व पुराना बस
जुलाना में भारत बंद का पूरा असर दिखाई दिया। जुलाना का बाजार बंद रहा। किसानों ने जींद-रोहतक मार्ग को गतौली, जुलाना की नई अनाज मंडी व पुराना बस अड्डे पर जाम लगाया। किसान व मजदूर सड़क पर अवरोधक डालकर मैट व टेंट लगाकर बैठ गए। नई अनाज मंडी के गेट के सामने व गतौली में जनसभा का भी आयोजन किया गया। किसान नेता विक्रम मलिक, बसाऊ लाठर, नरेश ढांडा, कांग्रेसी नेता रोहित दलाल, मोहित लाठर, राजपाल लाठर, सूरजभान कामरेड और मजदूर नेता सुभाष पांचाल ने किसानों को संबोधित किया।
पिल्लूखेड़ा के जामनी चौक पर किसानों ने लगाया जाम
पिल्लूखेड़ा में भई भारत बंद सफल रहा। पिल्लूखेड़ा में सुबह ही किसान बंद को कामयाब बनाने के लिए मैदान में उतर गए थे। उन्होंने दुकानदारों से समर्थन मांगा तो उन्होंने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर दीं। इसके बाद किसान जामनी चौक पर पहुंचे और सभी रास्तों को बंद कर दिया।
उचाना में सड़क जाम तो बाजार रहे बंद
उचाना में भारत बंद सफल रहा। बाजार व मंडी पूरी तरह से बंद रहे तो हाईवे भी अलग-अलग जगहों पर किसानों ने जाम रखा। खटकड़ टोल, पुलिस थाना से आगे भंडारे के पास, नवीन पेट्रोल पंप के पास हाईवे को किसानों ने शाम छह बजे तक बंद रखा। लितानी रोड, रेलवे रोड सहित अन्य प्रमुख बाजार पूरी तरह से बंद रहे। आढ़तियों द्वारा पुरानी कपास व अतिरिक्त मंडी में जाकर दुकानों को बंद करवाया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल के अलावा फायर ब्रिगेड की मौजूद रही। जाम के दौरान विवाह में जाने वाली गाड़ियों, एंबुलेंस को नहीं रोका गया, बल्कि जाने के लिए किसानों ने रास्ता बनाया। इस मौके पर सिक्किम सफा खेड़ी, रोशन घोघड़ियां, अनूप करसिंधु, चांदी करसिंधु, रामनिवास, कृष्ण सफाखेड़ी, अनूप श्योकंद, विकास सफाखेड़ी, सुरेंद्र श्योकंद, बिजेंद्र सिंधु मौजूद रहे।
कर्मचारियों के लिए जीएम ने लगाया खुला दरबार
शुक्रवार को किसान आंदोलन के समर्थन में हुए भारत बंद के आह्वान पर किसानों द्वारा जगह-जगह जाम लगाए गए थे। इससे बसों का परिचालन भी प्रभावित रहा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीएम ने बसों का परिचालन नहीं होने दिया। यात्री भी नाममात्र निकले। जो यात्री बस स्टैंड परिसर में आए उन्हें भारत बंद के कारण बसों का परिचालन नहीं होने की बात कहकर लौटा दिया गया। जीएम ने इस समय का भी सदुपयोग करते हुए रोडवेज मंदिर में कर्मचारियों के लिए खुला दरबार लगाया। जीएम ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और उन्हें दूर करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा जीएम ने कर्मचारियों को बेहतर केएमपीएल, बेहतर रिसिप्ट, बसों का उचित रखरखाव व यात्रियों के साथ अच्छा व्यवहार करने के भी निर्देश दिए।
अलेवा क्षेत्र में भारत बंद का दिखा असर, बाजार रहे सुनसान
अलेवा तथा नगूरां में भी भारत बंद का काफी असर दिखाई दिया। नगूरां गांव में भारत बंद की अध्यक्षता किसान सभा के जिला प्रधान रोहतास नगूरां ने की। दुकानदारों ने सुबह से ही अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर भारत बंद में सहयोग दिया। किसानों ने जींद-कैथल तथा असंध मार्ग पर नगूरां गांव में दो जगह तथा अलेवा, दुड़ाना, हसनपुर, शाहपुर, चांदपुर आदि गांव के मुख्य चौक पर सात जगहों पर जाम लगाया। हालांकि किसानों ने बरात तथा एंबुलेंस के लिए रास्ता खोल दिया।
सदर थाना प्रभारी को भी किसानों ने नहीं जाने दिया
शुक्रवार को भारत बंद का सड़क मार्गों पर जबरदस्त असर देखने को मिला। किसान सुबह ही सड़कों पर अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों पर आ गए और विरोध जाहिर करते हुए सड़कों को जाम कर दिया। खानसर चौक पर जाम लगाकर सफीदों-असंध- कैथल, गांव सिल्लाखेड़ी व बुढ़ाखेड़ा में सफीदों-जींद व गांव हाट में सफीदों-गोहाना मार्ग को जाम कर दिया। सिल्लाखेड़ी के किसानों ने सफीदों-जींद मार्ग पर बीचोंबीच पेड़ डाल दिए। सिल्लाखेड़ी, बुढ़ाखेड़ा व हाट गांव के जाम में महिलाओं की भारी भागीदारी देखने को मिली। सड़कों पर जाम की स्थिति यह थी कि केवल एंबुलेंस व बारात की गाड़ी को छोड़कर किसी को भी आगे जाने नहीं दिया। सदर थाना प्रभारी संजय कुमार जींद रोड पर जा रहे थे लेकिन किसानों ने उन्हें रोक लिया। उन्होंने किसानों को समझाया लेकिन क़िसानों ने जाने नहीं दिया। थाना प्रभारी फिर अन्य मार्ग से निकल गए। नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।
हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल व जींद व्यापार मंडल ने दो घंटे रखा बाजार बंद
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शहर के व्यापारियों ने दो घंटे बाजार बंद रखा। सुबह दस बजे से 12 बजे तक दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखी। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के जिला प्रधान महावीर कंप्यूटर, नगर प्रधान ईश्वर बंसल, जयकुमार गोयल, साड़ी एसोसिएशन के प्रधान सावर गर्ग, वरिष्ठ उप प्रधान राधाकिशन बिंदल, सुरेश गर्ग, कपड़ा एसोसिएशन के प्रधान राजेश काजी, अशोक गोयल, विनोद सिंगला, भजन लाल गर्ग, महेन्द्र सैनी ने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया तथा किसानों की मांगें पूरी करने की मांग की।
किसानों ने बंद करवाई दुकानें, बाद में दुकानदारों ने खोली
भारत बंद के आह्वान पर नरवाना क्षेत्र के किसानों ने दिल्ली-बठिंडा रेलवे ट्रैक सहित दिल्ली-पटियाला व हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर कई स्थानों पर जाम लगाकर केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों का विरोध किया। किसान सुबह 6 बजे ही रेलवे ट्रैक व मुख्य हाईवे पर पहुंच गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नरवाना में बद्दोवाल टोल, धमतान साहिब, कालवन, दनोदा, हथो व सिरसा ब्रांच नहर पुल के पास किसानों ने जाम लगाया। रास्ते जाम होने के बाद किसानों ने कस्बे के मुख्य द्वार को बंद करवाने के लिए शहर में रैली निकाली। इस दौरान किसानों द्वारा दुकानदारों से प्रार्थना की गई कि वह किसान आंदोलन के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखें। जिसके बाद शहर की सभी दुकानें बंद होने लगी थीं, लेकिन किसानों की रैली समाप्त होने के बाद फिर से कस्बे की दुकानें खुली दिखाई दीं। किसान नेता मास्टर बलबीर सिंह ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
हिसार-चंडीगढ़ हाईवे पर दनौदा गांव में जाम लगने से सैकड़ों वाहन फंस गए थे। उनकी सुविधा को लेकर दनौदा गांव के लोगों ने वाहन चालकों के लिए भंडारा शुरू कर दिया। किसानों ने कहा कि इस दौरान वह इन चालकों के वाहनों की सुरक्षा भी खुद करेंगे और जाम में फंसे चालक भाइयों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आने देंगे।
खटकड़ टोल पर भारत बंद के दौरान दोपहिया वाहन चालक को जाने से रोकतीं महिलाएं। संवाद - फोटो : Jind
गतौली में सड़क जाम करके बैठे किसान। संवाद- फोटो : Jind
जामनी चौक पर बरात की गाड़ी को निकलवाते किसान। संवाद- फोटो : Jind
खटकड़ टोल पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करतीं महिलाएं। संवाद- फोटो : Jind