मानसून में लगातार हो रही देरी के चलते पारा लगातार बढ़ता जा रहा है। दिन भर गर्मी व उमस के कारण लोग परेशान रहे। शनिवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री व न्यूनतम तापमान 30 डिग्री रहा। जबकि हवा की गति 11 किलोमीटर प्रतिघंटा रही तो आर्द्रता 47 प्रतिशत रही।
गर्मी के कारण दोपहर होते-होते सड़कें सुनसान हो गई तो बाजार में हर रोज की तरह दोपहर को ग्राहकों की संख्या नहीं के बराबर रही। वहीं आमजन के साथ ही खेती पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। बिना सिंचाई के फसलें सूखने लगी हैं। किसान महंगा डीजल फूंककर अपनी फसलों को बचाने में लगा हुआ है। ऐसे में मानसून की देरी से किसान भी परेशान हो गया है। तेज धूप व उमस भरी गर्मी से जन-जीवन पूरी तरह से बेहाल हो गया है। गर्मी के चलते कूलर भी जवाब देते नजर आ रहे हैं जबकि एसी की खरीद बहुत बढ़ गई है। लोग कूलर खरीदने की बजाए एसी खरीद को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं अधिकतर किसानों की खेती बारिश पर ही निर्भर करती है। यदि समय पर अच्छी बारिश हो तो फसल अच्छी हो जाती है, नहीं तो लागत मूल्य बढ़ जाता है। इस बार प्री-मानसून बारिश अच्छी हुई थी। जिस पर किसानों ने समय पर धान की रोपाई की, लेकिन अब बारिश नहीं होने के चलते फसलें झुलसनी शुरू हो गई हैं अगर जल्द बारिश नहीं हुई तो फसल का लागत मूल्य बढ़ना लाजमी है, क्योंकि डीजल के रेट आसमान छू रहे हैं। ऐसे में ट्यूबवेल चलाने के लिए महंगा डीजल फूंकना पड़ रहा है। गांव पांडू पिंडारा के मौसम विशेषज्ञ राजेश ने बताया कि 14 जुलाई तक आमतौर पर मौसम परिवर्तनशील रहेगा। अगले 48 घंटों के दौरान हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद भी मौसम परिवर्तनशील संभावित है। किसान फसलों का लगातार निरीक्षण करते रहें।