जींद। मलिकपुर गांव के खेतों में पराली जलाने की सूचना मिलने पर एसडीएम सत्यवान सिंह मान मौके पर पहुंचे और जलाए गए धान के अवशेष का निरीक्षण किया। इसके बाद किसान का पराली जलाने पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के तहत 15 हजार रुपये का चालान किया।
एसडीएम सत्यवान सिंह मान ने लोगों से कहा कि पराली को नहीं जलाएं। किसान अपनी पराली का निस्तारण खेत में ही करें। पराली का निपटान खेत में ही करने पर सरकार द्वारा किसानों के लिए एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया गया है। वहीं दूसरी ओर अगर किसान अपनी पराली बेचता है तो उसके लिए भी प्रशासन द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। यदि कोई किसान अपने खेतों में किसान पराली को जलाता है तो उसकी मॉनिटरिंग के लिए प्रशासन द्वारा उडन दस्ते व सेटेलाइट से भी निगाह रखी जा रही है, ताकि वातावरण में प्रदूषण न फैले। एसडीएम ने कहा कि पराली जलाने से वायु तो प्रदूषण होता है। जिस कारण कई प्रकार के सांस संबंधी रोग होने के साथ-साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी खत्म हो जाती है। इसलिए किसान पराली को न जलाएं, बल्कि उसका सदुपयोग करे। उन्होंने कहा कि पराली जलाने वाले किसानों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
एसडीएम ने धान उत्पादक किसानों से आह्वान किया कि वह धान की पराली को जलाने की बजाए चारे के रूप में इस्तेमाल करके व पराली के अवशेष को बेच कर पैसा कमाए। इस अवसर पर नायब तहसीलदार रामपाल शर्मा, कृषि विभाग से एसडीओ सुशील गुप्ता मौजूद रहे।