जुलाना। जुलाना का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं के मामलों में सफेद हाथी साबित हो रहा है। सरकार द्वारा करोड़ों की लागत से अस्पताल तो बनवा दिया, लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में चिकित्सक केवल फिजिकल वेरिफिकेशन कर डिलीवरी मरीजों को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया जाता है, लेकिन मरीजों को रात के समय रोहतक की बजाए निजी अस्पतालों की ओर रूख करना पड़ रहा है। जिससे चिकित्सकों की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है। प्रतिदिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन का इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं है। तीन दिन पहले भी जुलाना निवासी युवक ने अस्पताल के चिकित्सकों पर ईलाज में लापरवाही के आरोप लगाए थे। डिलिवरी के मामलों में बिना कोई जांच किए ही गर्भवती महिलाओं को रेफर कर देते हैं, लेकिन अस्पताल में महिलाओं की नॉर्मल डिलिवरी हो जाती है।
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मामला नंबर एक
जुलाना के वार्ड 12 निवासी श्रवण ने आरोप लगाए कि अस्पताल में वह अपनी गर्भवती पत्नी को 19 जनवरी को जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह 9 बजे लेकर गया था। जहां से उसकी पत्नी को रात को चिकित्सकों ने उसकी पत्नी की हालत गंभीर बताकर डिलिवरी करने की बजाए उसके हाथ में रेफर करने के कागजात थमा दिए। जैसे ही एंबूलेंस में उसकी पत्नी को बैठाया गया तो उसी समय नॉर्मल डिलिवरी हो गई। श्रवण ने आरोप लगाया कि उसने दिन के समय से ही चिकित्सकों को कहा था कि अगर मामला गंभीर लगता है तो उसकी पत्नी को रेफर कर दिया जाए, लेकिन चिकित्सकों ने कोई जवाब नहीं दिया, जोकि चिकित्सकों की लापरवाही को दर्शाता है।
मामला नंबर 2
हथवाला गांव निवासी सोनू अपनी पत्नी आरती को डिलिवरी के लिए 19 जनवरी को लेकर गया था, जहां पर चिकित्सकों ने शाम को ही रेफर करने का प्रयास किया गया, लेकिन चिकित्सकों को सिफारिश करने के बाद रात को नॉर्मल डिलिवरी करवाई गई, लेकिन बच्चा होने के बाद ऑक्सीजन की कमी बताई गई। अस्पताल में ऑक्सीजन के सिलिंडर खाली बता कर जच्चा बच्चा को रेफर किया गया। ऐसे में साफ है कि रात के समय जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलिवरियों से बचने के लिए चिकित्सक रेफर कर रहे हैं, जोकि लोगों के लिए जोखिम भरा है।
अस्पताल की लापरवाही की करेंगे सीएम से शिकायत: पार्षद सुभाष पांचाल
जुलाना के वार्ड 9 के पार्षद सुभाष पांचाल ने कहा कि अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही लगातार सामने आ रही है इसकी कई बार जुलाना के सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र के एसएमओ को दी, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पाया। अब इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को शिकायत दी जाएगी। जुलाना के एसएमओ नरेश वर्मा की अनदेखी के कारण इसका खामियाजा कस्बे के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी मामलों को लेकर गंभीर हों तो आने वाले डिलिवरी के मामलों में जच्चा बच्चा को जान जोखिम में न डालनी पड़ती। अस्पताल में चिकित्सक तो लापरवाह हैं ही अस्पताल में सुविधा नाम की कोई भी चीज नहीं है।
-सुभाष पांचाल, पकार्षद वार्ड 9 जुलाना।
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डिलिवरी के लिए एलएमओ की डयूटी लगाई गई है। अगर कोई लापरवाही की शिकायत आती है तो मामले की जांच की जाएगी। रेफर का कारण भी रजिस्टर में लिखना होता है। अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर की कोई कमी नही है। मामले की जांच की जाएगी।
-नरेश वर्मा एसएसओ जुलाना।