06जेएनडी29: संडील गांव मे ग्रामीणों को समझाते हुए पुलिस प्रशासन। संवाद
अलेवा। संडील गांव स्थित काला पीर डेरा विवाद में मंगलवार को भी पुलिस प्रशासन तथा ग्रामीणों के बीच किसी प्रकार की सहमति नहीं बनी। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से कहा कि किसी भी सूरत में महंत नंदाईनाथ तथा उसकी शिष्या दुर्गाईनाथ को डेरे में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। इससे अब पुलिस प्रशासन तथा ग्रामीणों की निगाहें बुधवार को कोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी है। पुलिस प्रशासन ने कोर्ट का फैसला आने तक गांव से पुलिस बल को हटा दिया है।
संडील गांव स्थित काला पीर डेरे का विवाद कई दिनों से चल रहा है। साध्वी दुर्गाईनाथ का आरोप है कि ग्रामीणों ने उनके साथ अभद्रता की और जबरन डेरे से निकाल दिया। पुलिस पर भी कार्रवाई न करने का आरोप है। ऐसे में साध्वी ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। सोमवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान निर्णय आने से पूर्व ही महंत नंदाईनाथ और दुर्गाईनाथ संडील गांव स्थित काला पीर डेरे में जाने की बात कही। इस पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने पुलिस बल को तैनात कर दिया। यहीं नहीं उचाना के डीएसपी नवीन संधू तथा अलेवा थाना प्रभारी बनवारी लाल के अलावा उचाना से भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी। गांव वालों ने किसी भी सूरत में महंत और उनकी शिष्या को डेरे में दाखिल होने पर रोक लगा दी। मंगलवार को भी पुलिस प्रशासन ने सहमति नहीं बनती देखकर अदालत के फैसला आने तक पुलिस बल को हटा दिया है। अलेवा थाना प्रभारी बनवारी लाल ने बताया कि मामले को लेकर बुधवार को हाईकोर्ट का फैसला आना है। फैसले के बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा। फिलहाल पुलिस बल को हटा दिया है।
06जेएनडी29: संडील गांव मे ग्रामीणों को समझाते हुए पुलिस प्रशासन। संवाद