कॉन्फेड के सेवानिवृत्त स्टोर कीपर ईश्वर सिंह की मौत के मामले में चल रहे धरने के चौथे दिन शनिवार देर शाम को परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। परिवहन मंत्री ने धरने पर बैठे लोगों को आश्वासन दिया कि वह मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर उनके बीच में पहुंचे हैं और उनकी सभी मांगों को पूरा किया जाएगा। धरना चला रही 13 सदस्यीय कमेटी को बातचीत के लिए टेबल पर आने के लिए कहा, लेकिन कमेटी ने कहा कि वह बंद कमरे की बजाए वह धरना स्थल पर ही बातचीत करेंगे। परिवहन मंत्री ने कहा कि सभी मांगों पर खुले मंच पर बातचीत संभव नहीं है, इसके लिए बातचीत की टेबल पर आ जाए और वहां पर एक-एक मांग को सुनकर उसको पूरा किया जाएगा। इस पर एक बार तो कमेटी ने सहमति जता दी और मंत्री बातचीत के लिए नागरिक अस्पताल के सिविल सर्जन कार्यालय में चले गए। इसके बाद मृतक के भतीजे व कमेटी सदस्य दिनेश ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती वह किसी बातचीत के लिए मंत्री के पास नहीं जाएंगे। जहां पर परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार, डीसी विनय सिंह, एसएसपी शशांक आनंद लगभग पौना घंटे तक बातचीत के लिए कमेटी का आने का इंतजार करते रहे। जब कमेटी का कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा तो मंत्री बिना बातचीत के लिए वहां से चले गए। धरना स्थल कमेटी के सदस्य देवराज सिरोह ने कहा कि परिजनों व कमेटी का शुरुआत से ही डिमांड है कि जब तक आरोपी डीएफएससी अशोक रावत, तत्कालीन जुलाना थाना प्रभारी रामनिवास, कॉन्फेंड ठेकेदार राकेश कुमार को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक सरकार और प्रशासन से कोई बात नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक ईश्वर सिंह के परिवार पर लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है और उसके परिवार को जान का खतरा है। इससे पहले जहां छह मांगों को लेकर धरना चल रहा था, अब शनिवार को सातवीं मांग है कि ईश्वर सिंह के परिवार के सभी सदस्यों का आर्म्स लाइसेंस बनवाया जाए, ताकि परिवार अपनी सुरक्षा कर सके।
मंत्री ने कहा कि प्रशासन की कार्रवाई संतोषजनक
परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि इस मामले में जिला प्रशासन ने अब तक जो कार्रवाई की है उसकी भी रिपोर्ट ली है। प्रशासन द्वारा मामले को लेकर अब तक की गई कार्रवाई से वह संतुष्ट है। प्रशासन ने बताया कि इस मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी वारंट जारी करवा दिए है और उनको गिरफ्तार करने के लिए चार टीमों का गठन किया गया है।
परिजनों ने की शव को देखने की डिमांड
नागरिक अस्पताल के शवगृह में डी-फ्रीज में रखे ईश्वर सिंह के शव की स्थिति को देखने के लिए शनिवार को परिजनों ने प्रशासन के समक्ष डिमांड रखी, लेकिन प्रशासन ने उनके शव को नहीं दिखाया। कमेटी के सदस्य देवराज सिरोह ने कहा कि कमेटी ने सुबह ही पुलिस को अवगत करवा दिया कि शव को दिखाया जाए, लेकिन पूरा दिन बीत जाने के बावजूद भी प्रशासन ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया।
कमेटी ने बढ़ाया एक मांग को
नागरिक अस्पताल में चार दिन से छह मांगों पर चल रहे धरने में शनिवार को कमेटी ने एक मांग को बढ़ा दिया। इससे पहले आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक के परिजनों को मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, परिवार की सुरक्षा, मामले की सीबीआई से जांच, मृतक ईश्वर सिंह का विभाग की तरफ बकाया राशि को जारी करने की मांग को लेकर धरना दिया जा रहा था। कमेटी ने शनिवार सुबह धरना शुरू होते ही एक मांग को बढ़ा दिया और मृतक ईश्वर सिंह के परिवार के सभी सदस्यों का आर्म्स लाइसेंस बनाने की मांग की।
जेएनयू के बाद अन्य विश्वविद्यालय के छात्र भी पहुंचे धरने पर
नागरिक अस्पताल में चल रहे धरने पर शनिवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय हिसार, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के विद्यार्थियों ने पहुंचकर धरने का समर्थन किया। इससे पहले जेएनयू विश्वविद्यालय के विद्यार्थी पहले ही प्रतिदिन धरने पर पहुंच रहे हैं।
23 को विश्वविद्यालय में सीएम को नहीं घुसने देंगे
एमडीयू रोहतक से पहुंचे डा. अंबेडकर मिशनरी छात्र एसोसिएशन के प्रधान विक्रम ने चेताया कि अगर सरकार ने जल्द ही इस मामले का समाधान नहीं किया तो वह 23 जनवरी को सीएम मनोहर लाल को एमडीयू में घुसने नहीं दिया जाएगा। सीएम मनोहर लाल का छात्र रास्ता रोककर काले झंडे दिखाएंगे।
सरकार 24 घंटे बातचीत के लिए तैयार
मैं मुख्यमंत्री मनोहर लाल का प्रतिनिधि बनकर यहां आया हूं। मृतक के भतीजे दिनेश ने कमेटी के साथ बातचीत करने के लिए सहमति जताई है, लेकिन कमेटी बातचीत करने के लिए नहीं आई। सरकार धरने पर बैठे लोगों की मांगों के हर बिंदु पर बातचीत करने के लिए 24 घंटे बातचीत के लिए तैयार है। बिना बातचीत के किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उनको संदेश देकर भेजा था कि मृतक के परिजनों से बातचीत करके उनकी हर मांग को पूरा किया जाए, लेकिन जब तक बातचीत नहीं होगा कोई समाधान संभव नहीं है।
- कृष्ण लाल पंवार, परिवहन मंत्री
मंत्री ने बातचीत के लिए बंद कमरे में बुलाया है, जबकि कमेटी चाहती है कि सभी के बीच में बातचीत हो। इसके चलते कमेटी ने बातचीत नहीं करने का फैसला लिया है। कोई भी बातचीत सभी के बीच में होगी।
- देशराज, कमेेटी सदस्य।