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पहले दिन करीब 37 हजार विद्यार्थियों ने दी परीक्षा

Wed, 09 Mar 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला
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स्कूल - फोटो : bureau
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 हरियाणा शिक्षा बोर्ड की 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हुई। पहले दिन 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने सुबह के सत्र में हिंदी की परीक्षा दी। वहीं सायं के सत्र में 12वीं कक्षा के विद्यार्थी अंग्रेजी विषय की परीक्षा में बैठे। सुबह के सत्र में 12वीं की अंग्रेजी विषय के प्रथम सेमेस्टर की रि-अपीयर की परीक्षा हुई।
जिले में 89 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसमें 10वीं के 21461 और 12वीं कक्षा के 15943 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। नकल रहित परीक्षा आयोजित करने के लिए बोर्ड, डीसी, एसडीएम तथा जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में अलग-अलग फ्लाइंग दस्ते बनाए गए हैं। पहले दिन जिलेभर में शांतिपूर्वक परीक्षा होने की सूचना है।
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हालांकि जींद के एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र में 10वीं कक्षा के हिंदी की परीक्षा में एक यूएमसी बना है। हरियाणा शिक्षा बोर्ड की फ्लाइंग ने परीक्षा केंद्र में एक परीक्षार्थी को नकल करते पाया गया। बोर्ड फ्लाइंग अधीक्षक अनिल शर्मा ने बताया कि पहले दिन शांतिपूर्वक परीक्षा हुई। एसडी स्कूल परीक्षा केंद्र में एक परीक्षार्थी पर्ची से नकल करते पाया गया, जिसका यूएमसी बनाया गया है।

जिलेभर में पहले दिन शांतिपूर्वक परीक्षाएं हुई। जींद में बोर्ड की फ्लाइंग ने 10वीं की परीक्षा के दौरान एक यूएमसी बनाया है। विषय से बाहर के प्रश्न परीक्षा में पूछे जाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
सतबीर सरोहा, जिला शिक्षा अधिकारी, जींद।
 हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा मंगलवार को शुरू की गई द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में हिंदी की परीक्षा में पाठ्यक्रम से बाहर से प्रश्न पूछे गए जिससे परीक्षार्थियों में रोष रहा। इसके लिए परीक्षार्थियों ने बोर्ड से बोनस अंक देने की मांग की है। वहीं परीक्षा में पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न दिए जाने से बोर्ड के प्रश्न पेपर तैयार करने वाले पैनल पर भी सवाल उठने लगे हैं।
दसवीं कक्षा के द्वितीय सेमेस्टर के हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई। विद्यार्थियों का आरोप है कि हिंदी की पाठ्य पुस्तक कृतिका (भाग-2) से कोड ए प्रश्न नंबर 13 भाग (क) में सड़क सुरक्षा कहानी के उद्देश्य को स्पष्ट कीजिए प्रश्न पूछा है। इसी प्रकार कोड बी में प्रश्नांक 13 (क) निखिल ने दुर्घटना के विषय में क्या तथ्य प्रस्तुत किया।

इसी प्रकार कोड सी प्रश्नांक 13 (क) वेल गांधी ने निखिल से अहसान करने के लिए अपने घर आने को क्यों कहा प्रश्न पूछा गया। जुलाना स्थित रोहिला सेकेंडरी स्कूल की हिंदी अध्यापिका दीपा रोहिला ने बताया कि संबंधित पाठ बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्य पुस्तक कृतिका (भाग-2) की विषय वस्तु में शामिल ही नहीं है। हर प्रश्न पत्र कोड में ये प्रश्न दो-दो अंक के हैं। मेधावी बच्चों को दो अंक का नुकसान तो सीधा ही हो गया। उन्होंने बोर्ड सचिव से आग्रह किया है कि संबंधित विषय विशेषज्ञों का एक पैनल बनाया जाए, जो बाहर से आए इन प्रश्नों पर अपनी रिपोर्ट दें।

कैसे पूरा कर पाऊंगी पापा का सपना पूरा
प्रथम सेमेस्टर में लगभग 93 फीसदी अंक प्राप्त करने वाली छात्रा प्रियंका लाठर का कहना है कि पूरी पाठ्य पुस्तक में उसने संबंधित पाठ को कहीं नहीं देखा। बोर्ड बच्चों की भावनाओं के प्रति कैसे असंवेदन शील हो सकता है। अब मैं हिंदी में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने का पापा का सपना कैसे पूरा कर पाऊंगी।
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बाहर से प्रश्न पूछना बन गया ट्रेड
प्रथम सेमेस्टर में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली छात्रा अंजलि खासा का कहना है कि पिछले 15 दिनों से रात को सिर्फ ढाई से तीन घंटे ही सोई हूं। बोर्ड मुझे मेरी मेहनत का फल तो दे। बोर्ड सचिव अंकल, बाहर से प्रश्न पूछना बोर्ड का ट्रेड हो गया है। ऐसे में पाठ्य पुस्तक निर्धारित करने का औचित्य ही क्या रह जाता है। ये हम बच्चों की भावनात्मक अपील ही नहीं, अधिकार भी है।
 
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