22जेएनडी28: सीआरएसयू में आयोजित परीक्षाओं की निगरानी करते हुए कुलपति प्रोफेसर रामपाल सैनी। स्रो
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) ने परीक्षा प्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने डिजिटल निगरानी आधारित परीक्षा व्यवस्था लागू कर हर परीक्षा कक्ष को हाई-टेक बना दिया है। इसके तहत सभी कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से पूरी परीक्षा प्रक्रिया की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि यह हरियाणा का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बन गया है जहां परीक्षा व्यवस्था में डिजिटल निगरानी प्रणाली को इतने व्यापक और प्रभावी स्तर पर लागू किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नकल-मुक्त, पारदर्शी और अनुशासित परीक्षा वातावरण तैयार करना है, ताकि विद्यार्थियों की वास्तविक क्षमता का सही मूल्यांकन हो सके।
कुलगुरु प्रो. राम पाल सैनी ने परीक्षा केंद्रों और कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। इस दौरान उन्होंने छात्रों से संवाद भी किया और उन्हें ईमानदारी, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. सैनी ने कहा कि तकनीक के इस दौर में शिक्षा संस्थानों को आधुनिक व्यवस्थाएं अपनानी जरूरी हैं। विश्वविद्यालय केवल परीक्षाएं करवाने तक सीमित नहीं है बल्कि विद्यार्थियों में नैतिकता, अनुशासन और पारदर्शिता की भावना विकसित करना भी उसका उद्देश्य है।
विश्वविद्यालय ने डिजिटल उपस्थिति प्रणाली भी लागू की है। इसके तहत उत्तर पुस्तिकाओं पर बारकोड के माध्यम से विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इससे गलत प्रविष्टियों में कमी आएगी और परीक्षा परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया तेज होगी।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश बंसल ने बताया कि मई 2026 से आयोजित परीक्षाओं में केंद्रीकृत सीसीटीवी निगरानी प्रणाली लागू की गई है। कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों पर एक साथ नजर रखी जा रही है। किसी भी तरह की अनियमितता होने पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।