31जेएनडी05: अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राध्या
जींद। महिलाएं अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आत्मविश्वास से आगे बढ़ें। समाज में महिलाओं को पुरुषों के समान अवसर और अधिकार मिलना जरूरी है। शिक्षा महिलाओं को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। शिक्षित और जागरूक महिला न केवल अपने अधिकारों को समझती है बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी अहम भूमिका निभाती है। यह बात राजकीय महिला कॉलेज की प्रवक्ता डॉ. सुमिता आसरी ने कही।
राजकीय महिला कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्राओं को महिला समानता, अधिकारों और समाज में महिलाओं की बदलती भूमिका के बारे में जागरूक किया गया। डॉ. सुमिता आसरी ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का आभार जताया।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि कॉलेज प्राचार्य शमशेर सिंह ने कहा कि समय के साथ महिलाओं के प्रति समाज की सोच में बदलाव आया है। आज महिलाएं शिक्षा, खेल, प्रशासन, विज्ञान, राजनीति, सेना सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। कई क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों से आगे निकल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव शिक्षा और महिलाओं में आई जागरूकता का परिणाम है। छात्राओं को अपने लक्ष्य तय कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी जानकारी जरूरी
प्राचार्य शमशेर सिंह ने कहा कि महिला-पुरुष समानता केवल कानून तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि इसे समाज की सोच और व्यवहार का हिस्सा बनाना जरूरी है। छात्राओं को अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों की जानकारी होना भी आवश्यक है। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में जागरूकता के साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना विकसित करना रहा। इस अवसर पर कुमारी अनिता श्योकंद समेत कॉलेज स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।