स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी के आह्वान पर शुक्रवार को कर्मचारियों ने सुबह आठ बजे ही नागरिक अस्पताल में काम छोड़कर हड़ताल शुरू कर दी। साढ़े 11 बजे आउटसोर्स एजेंसी के प्रतिनिधि ने कर्मचारियों के बीच आकर माफी मांगी और 30 जून तक आउटसोर्स कर्मचारियों की सूची जारी करने की बात कही। इसके बाद सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को विश्वास दिलाया कि यदि 30 जून तक एजेंसी ने कर्मचारियों की सूची नहीं जारी की तो वे खुद एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएंगे। एजेसी को ब्लैक लिस्ट भी करवा देंगे। इसके बाद ही कर्मचारी काम पर लौटे। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सुबह आठ बजे से लेकर साढ़े 11 बजे तक टीकाकरण, दवाई वितरण तथा मरीजों के पंजीकरण का कार्य बाधित रहा।
पिछले एक सप्ताह से स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी तालमेल कमेटी के लोग सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर दोपहर एक से दो बजे तक गेट मीटिंग कर रहे थे।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि आउटसोर्स एजेंसी प्रतिनिधि स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करता है तथा उनको धमकी दे रहा। इसके अलावा पैसे लेकर पुराने कर्मचारियों को हटाकर नई नियुक्तियां कर रहा है। दो महीने बीत जाने के बाद भी आउटसोर्स एजेंसी ने कर्मचारियों की सूची जारी नहीं की है। तालमेल कमेटी ने 25 जून से हड़ताल की चेतावनी दे रखी थी। इसी वजह से शुक्रवार सुबह तालमेल कमेटी के सभी लोग काम छोड़कर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर बैठ गए। इसके बाद सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उन्हें मनाने का प्रयास किया। बाद में आउटसोर्स एजेंसी एमजे सोलंकी का प्रतिनिधि कर्मचारियों के बीच पहुंचा और एक कर्मचारी के साथ किए गए दुर्व्यवहार के लिए माफी मांगी। इसके अलावा उसने 30 जून तक सभी आउटसोर्स कर्मचारियों की सूची जारी करने और किसी भी पुराने कर्मचारी के नहीं हटाए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी माने और साढ़े 11 बजे काम पर लौट गए।
तालमेल कमेटी के संयोजक एवं राज्य सलाहकार राजबीर बेरवाल ने कहा कि आउटसोर्स एजेंसी के प्रतिनिधियों की ज्यादतियां किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं की जाएंगी। पुराने कर्मचारियों को हटाने नहीं दिया जाएगा। यदि एजेंसी ने 30 जून तक सूची जारी नहीं की तो वह फिर से आंदोलन करेंगे। इस मौके पर राममेहर वर्मा, ओमपाल ढांडा, शारदा कुमारी, प्रेम सिंह रोहिला, राजेश कुमार, सतीश देशवाल, रामफल दलाल, सतीश शर्मा, रमेश कुमार ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
पौने 12 बजे शुरू हुआ टीकाकरण
स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं काफी प्रभावित हुईं। जब कर्मचारी हड़ताल से लौटे तो उसके बाद ही पीपी सेंटर में टीकाकरण का कार्य शुरू हो पाया। इसके अलावा दवाई वितरण खिड़की भी साढ़े 11 बजे तक बंद रही। इस खिड़की पर काम करने वाले सभी फार्मासिस्ट तालमेल कमेटी के सदस्य हैं। वहीं लैब का कार्य भी प्रभावित हुआ। लैब तकनीशियन भी तालमेल कमेटी के सदस्य हैं। ओपीडी का कार्य भी प्रभावित रहा। हड़ताल के दौरान केवल इमरजेंसी सेवाएं ही चलती रहीं। जबकि अन्य कार्य काफी प्रभावित हुए। सिविल सर्जन कार्यालय में भी कामकाज ठप रहा।
अभद्रता करने वाले आउटसोर्स एजेंसी के प्रतिनिधि ने कर्मचारियों के बीच पहुंचकर माफी मांग ली है। 30 जून तक सभी कर्मचारियों की सूची जारी करने की बात कही है। साढ़े 11 बजे सभी कर्मचारी काम पर लौट आए थे। हड़ताल के कारण कुछ कार्य जरूर प्रभावित हुआ, लेकिन कामकाज ठप नहीं हुआ। 30 जून तक आउटसोर्स एजेंसी ने यदि कर्मचारी की सूची जारी नहीं की तो वह खुद एजेंसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएंगे तथा एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करवाएंगे। -डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।