जींद। भारतीय मजदूर संघ की अखिल भारतीय कार्य समिति के आह्वान पर सोमवार को जिले में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और श्रमिकों ने मांग दिवस मनाया। अखिल भारतीय स्वास्थ्य एवं एनएचएम कर्मचारी महासंघ के महामंत्री एवं अखिल भारतीय कार्य समिति के वरिष्ठ सदस्य दिनेश कौशिक की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर डीआरओ को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री विनोद शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन में स्वास्थ्य, शिक्षा, जनस्वास्थ्य, बिजली, परिवहन, डीआईटीएस, सहकारिता, शहरी निकाय, एचकेआरएनएल, एनएचएम और भवन निर्माण क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों व श्रमिकों ने भाग लिया।
दिनेश कौशिक ने कहा कि गुरुग्राम में श्रमिक सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पात्र कर्मचारियों को 15 जून तक रोजगार सुरक्षा अधिनियम के तहत सेवा सुरक्षा देने का आश्वासन दिया था। बाद में इसकी समय सीमा बढ़ाकर 15 अगस्त की गई लेकिन अब तक पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिला है। 26 अप्रैल की घोषणाओं के बावजूद पात्र कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और नियुक्ति पत्र नहीं मिले हैं।
इस अवसर पर मुकेश भट्ट, मोती मोर, विकास कुमार, राजबीर मलिक, सुनील मेहरा, बलजीत सिंह, प्रदीप गांगोली, अनिल मलिक आकाश, अरुण कुमार और सुरेंद्र शर्मा सहित अन्य कर्मचारी व श्रमिक मौजूद रहे।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
पात्र कर्मचारियों को तत्काल सेवा सुरक्षा और नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं।
न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।
ईएसआईसी की वेतन सीमा बढ़ाकर 42 हजार रुपये की जाए।
ईपीएस पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह की जाए और इसमें डीए व मेडिकल सुविधा जोड़ी जाए।
ईपीएफ की वेतन सीमा बढ़ाकर 30 हजार रुपये की जाए तथा बोनस की सीमा में भी वृद्धि की जाए।
स्कीम वर्करों को नियमित कर्मचारियों का दर्जा और उनके अनुरूप सुविधाएं प्रदान की जाएं।
ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 40 लाख रुपये की जाए।
बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए।
हरियाणा के शेष आउटसोर्स कर्मचारियों को एचकेआरएनएल में पोर्ट कर सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
पात्र कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए।
समान काम के लिए समान वेतन लागू करने के साथ कर्मचारियों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए।