तकनीकी खराबी की वजह से पूरे जिले में करीब ढाई घंटे तक बिजली गुल रही। लेकिन अधिकारियों को इस बारे में नहीं पता था। बिजली न होने के चलते महाविद्यालयों व निजी कंप्यूटर दुकानों पर ऑनलाइन प्रक्रिया बाधित रही जिससे विद्यार्थियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी इसका प्रभाव देखा गया। सामान्य अस्पताल में भी स्वास्थ्य सभी सेवाएं बाधित रही। मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक पूरे जिले की बिजली गुल हो गई। दोपहर 2:25 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रही। बिजली सप्लाई बंद रहने से सबसे ज्यादा प्रभाव स्वास्थ्य सेवाओं और महाविद्यालयों में प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए चल रही आवेदन प्रक्रिया पर पड़ा। करीब ढाई घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रहने से सामान्य अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई और अस्पताल में आए मरीज एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के लिए फर्श पर बैठकर बिजली आने का इंतजार करते रहे।
एमरजेंसी की सुविधाएं भी बाधित रही। दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन के लिए विद्यार्थी महाविद्यालय व निजी कंप्यूटर दुकानों पर बैठकर इंतजार करते रहे। अभी धान की रोपाई का सत्र चल रहा है, अघोषित कट लगने से धान रोपाई व सिंचाई का कार्य प्रभावित हुआ। अचानक से लगे पूरे जिले की बिजली गुल होने के बारे में निगम अधिकारी भी अनभिज्ञ थे और उनके पास बिजली गुल होने के कारणों के बारे में कोई जवाब नहीं था।
तकनीकी खराबी से थर्मल प्लांट से लगा पावर कट
पूरे जिले की बिजली किन कारणों से गुल रही, इस बारे में निगम अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। हालांकि मिली जानकारी के अनुसार तकनीकी खराबी की वजह से पानीपत थर्मल प्लांट से ही बिजली सप्लाई बंद की गई थी। बताया जा रहा है कि पानीपत से आने वाली 400 केवी लाइन में खराबी आ जाने की वजह से पावर कट लगा था।
बिजली बाधित रहने के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस बारे में एक्सईन को जानकारी होगी।
नवीन वर्मा, एसई
बिजली निगम, जींद।