जींद। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सिटी सब डिवीजन के बिजली कर्मचारियों ने सोमवार को नूंह और गुरुग्राम में पैरेलल लाइसेंस देने तथा बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) की ओर से जारी नोटिस की प्रतियां जलाकर रोष जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राज्य उपप्रधान संजीव ढांडा ने कहा कि नूंह और गुरुग्राम में पैरेलल लाइसेंस के माध्यम से निजी कंपनियों को बिजली वितरण व्यवस्था में प्रवेश देने की प्रक्रिया बिजली निगमों के निजीकरण की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि इससे बिजली कर्मचारियों के हित प्रभावित होने के साथ आम उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को पैरेलल लाइसेंस देने की प्रक्रिया को तत्काल बंद करना चाहिए। इसके साथ ही बिजली निगमों के निजीकरण से संबंधित सभी नीतियों को वापस लिया जाए।
कर्मचारियों ने कहा कि बिजली वितरण व्यवस्था सार्वजनिक क्षेत्र के अधीन रहनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध और उचित दरों पर बिजली उपलब्ध होती रहे। मोर्चा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नूंह और गुरुग्राम में पैरेलल लाइसेंस की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई और निजीकरण की नीतियों को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस अवसर पर राजेश, संजय, जितेंद्र, मनदीप, सुशील, तेजेंद्र, राधेश्याम, बलजीत, जसमीत, सुनीता, रीना, पूजा, अनु, वरुण, सतपाल, सुरेंद्र जागलान, अनिल, नवीन, पवन मौजूद रहे।