06जेएनडी09: एग्री डिस्कॉम और निजीकरण के विरोध में धरने पर बैठे बिजली कर्मचारी। स्रोत: कर्मचारी
जींद। शहर की सब यूनिट में बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों ने वीरवार को धरना-प्रदर्शन कर बिजली क्षेत्र में निजीकरण और प्रस्तावित एग्री डिस्कॉम के गठन का विरोध किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर योजना पर रोक लगाने, लंबित मांगें पूरी करने और बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के प्रयास वापस लेने की मांग उठाई। वहीं 11, 12 और 13 अगस्त को राज्यव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया।
धरने पर सुरेंद्र जागलान, राजेश, कश्मीर मलिक और रणधीर ने कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों की मांगों का चार्टर काफी पहले सरकार को सौंपा जा चुका है लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यदि 11 अगस्त से पहले सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो सभी कर्मचारी और अधिकारी 11 से 13 अगस्त तक पूर्ण हड़ताल पर रहेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस दौरान एग्री डिस्कॉम के गठन संबंधी कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाती है तो इसे हड़ताल का नोटिस माना जाएगा और कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों ने सामूहिक रूप से शपथ लेते हुए कहा कि वे बिजली क्षेत्र के निजीकरण और एग्री डिस्कॉम के गठन का विरोध जारी रखेंगे।
उन्होंने सरकार से स्मार्ट मीटर योजना पर पुनर्विचार करने, निजी कंपनियों को दिए जा रहे बिजली वितरण लाइसेंस रद्द करने तथा कर्मचारियों की लंबित मांगों पर वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की। इस अवसर पर किसान नेता नफे सिंह, जोगिंदर नैन, सुरेश राठी, राज्य उपप्रधान संजीव,धर्मबीर सिंह, धर्मबीर भंभेवा मौजूद रहे।