संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। बिजली निगम की गड़बड़ी का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। निगम की ओर से तमाम उपभोक्ताओं को जारी किए गए बिजली बिल में पता गलत लिखा है। जीद के कई उपभोक्ता के बिल पर हिसार का पता लिखा है। इस गड़बड़ी के चलते संबंधित उपभोक्ताओं को आवास प्रमाणपत्र देना पड़ रहा है।
जींद विकास संगठन के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गोयल ने बताया कि बिजली के अधिकतर बिलों में उपभोक्ताओं के जींद के एड्रेस के साथ-साथ मॉडल टाउन हिसार भी लिखा गया है। ऐसे उपभोक्ताओं को एड्रेस प्रूफ देना पड़ता है। इसको लेकर उन्हें काफी दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है। क्योकि एड्रेस में मॉडल टाउन हिसार लिखा होने के वजह से कोई भी निगम बिजली के बिलों को एड्रेस के तौर पर मान्य नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता बिजली के जो बिल कंप्यूटर से निकालता है, उनमें काफी बिजली के बिलों पर उपभोक्ता का एड्रेस लिखा होने के साथ-साथ मॉडल टाउन हिसार भी लिखा आ रहा है। इसके चलते उपभोक्ता काफी भ्रम की स्थिति में हैं। यह समस्या एक बिल के साथ नहीं सैंकडों बिलों के साथ है। जब इस समस्या को ठीक करवाने के लिए बिजली निगम को बोला जाता है तो बिजली विभाग उपभोक्ता से एड्रेस संशोधन का फार्म भरवा कर ठीक करवाने की बात करता है। गलती बिजली निगम की है, भुगतना आम उपभोक्ता को पड़ रहा है।
निजी कंपनी के पास है बिल बनाने का ठेका
बिजली बिल बनाने का ठेका जिस निजी कंपनी को दिया हुआ है, उसके स्तर पर ही लापरवाही से बिजली के बिलों में मॉडल टाउन हिसार लिखा आ रहा है। वहीं सबसे बड़ी दिक्कत तो उन उपभोक्ताओं को आ रही है जिन्हें बिजली के बिलों को किसी भी काम के लिए एड्रेस के तौर पर देना पड़ता है। इन बिलों पर मॉडल टाउन हिसार लिखा होने की वजह से कोई भी विभाग इन बिलों को एड्रेस के तौर पर मान्य नहीं कर रहा है। गोयल ने बिजली निगम से मांग की है कि लापरवाही बिजली विभाग की है, इसलिए निगम को ही इस बड़ी लापरवाही को ठीक करवाना चाहिए।