बिजली निगम कर्मचारियों ने बिजली बिल 2020 का विरोध करते हुए सोमवार को प्रदर्शन किया और इसे लेकर काला दिवस मनाया। हांसी रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय सब डिविजन नंबर एक व दो पर कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया।
सर्किल सचिव धर्मबीर भंभेवा व जिला प्रधान रामफल दलाल ने कहा कि जब से केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है जनता, किसान और कर्मचारी विरोधी कार्य कर रही हैं। आज पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, तो सरकार कोरोना की आड़ में कर्मचारियों के भत्ते काट रही है, जो सरकार की कर्मचारी विरोध नीति को जाहिर करती है। सरकार बिजली निगम को भी निजी हाथों में सौंपना चाहती है। इससे बिजली आम आदमी की पहुंच जाएगी। कर्मचारियों का शोषण होगा। कच्चे कर्मचारियों की नौकरी खतरे में आ जाएगी। निजी कंपनी केवल मुनाफे के लिए काम करेगी। अगर बिजली बिल-2020 वापस नहीं किया तो पूरे देश के बिजली कर्मचारी आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। चार जून को अखिल भारतीय सरकारी कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारी डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। इसमें मुख्य रूप से पुरानी पेंशन लागू करना, कच्चे कर्मचारियों को सीधे कंपनी रोल पर रखना, नई भर्ती पर लगी रोक को हटाना, सभी विभागों का निजीकरण बंद करना मुख्य मांग होंगी।
इस अवसर पर राकेश ईककस, अमित खटकड़, सजींव ढांडा, अनूप, बलवान, रामबीर शर्मा, सुखबीर, सुरेश, संदीप लाठर, अनिल, सुनील, सुरेंद्र, दीपक दलाल, हरीश, मनजीत, मनदीप, अशोक, रामनिवास भी मौजूद रहे।