संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिफा की कोर्ट ने सफीदों क्षेत्र के गांव मंडी खु्र्द के किसान श्यामपाल (40) की करंट लगने से हुई मौत पर बिजली बोर्ड को बतौर मुआवजा 21 लाख रुपये चुकाने का आदेश दिया है। केस दर्ज कराने से अब तक 12 फीसदी ब्याज देने को भी कहा है।
परिजनों के मुताबिक, 2 जुलाई 2019 को तड़के करीब 5 बजे श्यामपाल खेत से खरपतवार हटा रहे थे। खेत में पानी भरा हुआ था। इसी दौरान उनका हाथ ट्रांसफार्मर से लगा। करंट लगने से वह गंभीर हाल में घायल हो गए। उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से पीजीआई रोहतक रेफर किया गया।
परिजन उन्हें शहर के ही एक निजी अस्पताल ले गए। वहां 10 दिन भर्ती रखा गया। फिर हिसार के निजी अस्पताल ले जाया गया। घावों में संक्रमण फैलने से वहीं उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट लगने से ही मौत होने की पुष्टि भी हो गई।
श्यामपाल के परिवार में पत्नी संजीता, पुत्र चांद, नाबालिग पुत्री पायल और मां सुरजा हैं। कोर्ट में बिजली बोर्ड ने दलील दी कि श्यामपाल की मौत करंट लगने से हो ही नहीं सकती क्योंकि वहां तड़के 5 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली की आपूर्ति ही नहीं होती।
कोर्ट ने वीरवार को फैसला सुनाते हुए बिजली बोर्ड को 21 लाख रुपये मुआवजा चुकाने का आदेश दिया। मुकदमे की तारीख से 12 प्रतिशत ब्याज भी देने के आदेश हैं। यह राशि परिवार के चारों सदस्यों को बराबर दी जाएगी।