प्रदेश के 23 बिजली सब डिविजन को ठेके पर देने के सरकार के फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को सामूहिक अवकाश कर विरोध जताया। कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने के कारण लोगों को 42 डिग्री गर्मी में काफी फजीहत हुई। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा आधे जींद शहर को भी बिजली कर्मचारियों की छुट्टी का खामियाजा भुगतना पड़ा। पिंडारा फीडर से चलने वाली शहर की लाइन से जुड़े क्षेत्र के लोगों की रात आंखों में ही कटी, वहीं दिन भी मुश्किल भरा गुजरा।
दोपहर बाद जब बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली। बिजली कर्मचारियों ने पहले से ही 11 मई को सामूहिक अवकाश की घोषणा कर रखी थी। ऐसे में तय कार्यक्रम के तहत बिजली कर्मचारियों की दोनों यूनियनों की हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर के बैनर तले कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश ले लिया।
सामूहिक अवकाश का असर रात से ही दिखना शुरू हो गया था। रात के समय शेड्यूल के अनुसार लगने वाले कट के बाद दोपहर तक बिजली नहीं आई। इसका सबसे बुरा असर शहर की पॉश कॉलोनी अर्बन एस्टेट, हुडा सेक्टर, स्कीम नंबर पांच-छह व पुरानी सब्जी क्षेत्र पर पड़ा। इसके अलावा शहर की और कई कॉलोनियों की बिजली भी गुल रही।
दोपहर तक करते रहे इंतजार
दरअसल प्रतिदिन पिंडारा फीडर से जुडे़ शहर के हिस्सों में कुछ देर के लिए रात करीब नौ बजे बिजल कट की जाती है। मंगलवार रात को भी ऐसा ही हुआ, लेकिन जब काफी देर बिजली नहीं आई तो लोगों को कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश की याद आई। इसके बाद इंतजार में ही सारी रात निकल गई। कुछ घरों में तो इन्वर्टर भी जवाब दे गए। बिजली निगम ने ग्रामीण क्षेत्र के लिए कट का समय तय कर रखा है।
ऐसे में रात को शिफ्ट बदली होने पर जहां की लाइन चालू रही, वहां रात भर कट नहीं लगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों जहां कुछ लाइन पर अधिक बिजली मिली, वहीं कुछ गांवों को शेड्यूल के अनुसार भी बिजली नहीं मिल पाई।
मौसम ने दिया साथ
बेशक बिजली कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश ने लोगों को परेशानी में डाल दिया हो, लेकिन मौसम ने पूरा साथ दिया। रात को हालांकि जींद शहर में बूंदाबांदी नहीं हुई, लेकिन आसपास हुई बारिश के कारण ठंडी हवा चली, जिससे राहत मिली।
पानी की सप्लाई हुई बाधित
बिजली नहीं होने से बुधवार सुबह जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा पेयजल की सप्लाई भी नहीं की जा सकी। ऐसे में लोगों को सुबह काम पर जाने में भी काफी दिक्कत हुई। वहीं दुकानदारों को भी बिजली कट के कारण भारी नुकसान हुआ। किरयाणे की दुकानों पर दूध व अन्य दुग्ध उत्पाद रखने वाले दुकानदारों को बिजली कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश के कारण काफी नुकसान हुआ। सुबह बिजली नहीं आने से कई दुकानदारों ने दूध की सप्लाई भी नहीं की, जिससे लोगों को दूध नहीं मिल पाया।
सरकार निजीकरण का फैसला नहीं बदलती तो तेज होगा आंदोलन- विनोद
इस दौरान सर्कल कार्यालय में बिजली कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने कहा कि सरकार की मंशा बिजली निगम को निजी हाथों में बेचने की है। इसके खिलाफ ही कर्मचारी लामबंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इस आंदोलन से प्रदेश की जनता को परेशानी हुई है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी सरकार की है। सरकार समय रहते अपने फैसले को टालकर आंदोलन को रोक सकती थी। उन्होंने कहा कि यदि आने वाले दिनों सरकार अपना फैसला नहीं बदलती तो आंदोलन और तेज होगा।
जिले में 1164 नियमित कर्मचारी हैं, सभी अवकाश पर रहे। डीसी रेट के कर्मचारी भी ड्यूटी पर नहीं आए। ऐसे में काम चलाने के लिए कुछ कर्मचारी ठेकेदार से हायर किए गए। रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी। कर्मचारियों पर कार्रवाई का फैसला सरकार को लेना है।
दलजीत सिंह, एसई बिजली निगम जींद।
जुलाना... कर्मचारी संघों का जोरदार प्रदर्शन, पानी सप्लाई बंद
23 सब डिविजन ठेके पर देने के विरोध में बुधवार को बिजली कर्मचारियों, सीटू, सर्व कर्मचारी संघ और मजदूरों ने कस्बे में जोरदार प्रदर्शन किया। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जुलाना व क्षेत्रों के दर्जनों गांवों की बिजली गुल रही जिसके कारण पानी की सप्लाई भी ठप रही। सीटू नेता सुभाष पांचाल, सर्वकर्मचारी संघ के नेता ईश्वर ठाकुर, कर्मबीर लाडवाल के नेतृत्व में कर्मचारी व मजदूर कस्बे की पुरानी अनाज मंडी में इकट्ठे हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सीटू नेता सुभाष पांचाल ने कहा कि सरकार ने बिजली विभाग की 23 सब डिविजनों को पूंजीपतियों के हवाले कर दिया है। सरकार की इस कर्मचारी विरोधी नीति से कर्मचारियों को गहरा आघात पहुंचा है। इस अवसर पर ईश्वर ठाकूर, सुलतान, सुरेश, दीनदयाल, विक्रम, गुड्डी, संतोष सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
नरवाना... सीएचसी में डिलीवरी प्रभावित, लोग परेशान
नरवाना। बिजली कर्मियों के सामूहिक अवकाश पर चले जाने के कारण नरवाना में कई इलाकों में बिजली नहीं रही। गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी हुई। उझाना के सीएचसी में पिछले दो दिनों से बिजली नहीं है जिससे डिलीवरी करते समय काफी दिक्कत हो रही है। हॉट लाइन के बावजूद मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। बुधवार को बिजली कर्मियों के सामूहिक अवकाश पर होने के कारण बिजली चालू नहीं की जा सकी।
सीएचसी की प्रवर चिकित्सक अधिकारी डॉ.शशी सिंगला ने बताया कि मंगलवार को बिजली खराब हो गई थी। शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को शिकायत करने पर कर्मियों ने बताया कि सब कर्मी अवकाश पर हैं। उन्होंने बताया कि रात को इंन्वर्टर से काम चल गया लेकिन गर्मी के कारण मरीजों को दिक्कत आई। इधर हरियाणा ज्वाइंट एक्सइन कमेटी पावर की केंद्रीय के कमेटी के आह्वान पर सभी कर्मी बुधवार को सामूहिक अवकाश पर रहे।
दोपहर को अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रधान कृष्ण नैन ने सरकार द्वारा बिजली विभाग की 23 सब यूनिटों को ठेके पर देने पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा करके जनता व कर्मचारी विरोधी होने का सबूत दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने कर्मचारी विरोधी फैसले को वापस नहीं लेती तो आगामी आंदोलन की रूपरेखा जींद में तैयार की जाएगी। इस मौके प्रधान यूनिट नरवाना कृष्ण खटकड़, रामफल नैन, राजबीर ढिल्लो,ईश्वर, प्रदीप, बेलीराम, सतबीर शर्मा, हरेंद्र नैन, धर्मबीर शर्मा, रणधीर ग्रोवर कर्मचारी नेताओं ने हिस्सा लिया।
कर्मचारियों का तरीका गलत
कर्मचारियों का आंदोलन का तरीका गलत है। इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। गर्मी के मौसम में बिजली के बिना जीवन नरक हो जाता है। बड़े तो बाहर भी घूम लेते हैं, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों को जीना मुश्किल हो गया है।
रामरति, हाऊसिंग बोर्ड निवासी
खराब हुआ फ्रीज का सामान
रात को ही बिजली कट गई थी और इसका पता भी नहीं था कि बिजली नहीं आएगी। इससे फ्रिज में रखा सामान दूध और सब्जियां खराब हो गई। सुबह दुकानों पर भी दूध नहीं मिला। इससे दिनचर्या बिगड़ गई।
लाज, अर्बन एस्टेट निवासी
पीने के पानी के भी लाले
बिजली कर्मचारियों के आंदोलन के कारण घर की सारी व्यवस्था खराब हो गई है। पीने के पानी के भी लाले पड़ गए हैं। आसपास के सबमर्सिबल से लोग पानी ला रहे हैं। सरकार को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
उर्वशी, अर्बन एस्टेट निवासी