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कोरोना को मात देकर चार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत आठ लोग पहुंचे जींद

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कोरोना को हराकर पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अन्य। - फोटो : Jind
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जिले के लिए बड़ी राहत की खबर है। जिले के आठ लोग कोरोना को मात देकर घर पहुंचे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी का स्वागत किया और उनके स्वस्थ होने पर बधाई दी। जिले में स्वस्थ होकर घर लौटने वालों की संख्या अब 10 हो गई है, जबकि जिले में अब भी 10 लोग संक्रमित हैं।
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बता दें कि तीन मई को जिले में एक साथ आठ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इनमें चार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल थीं। इनमें से आठ को पीजीआई रोहतक व दो को मेडिकल कॉलेज खानपुर में रखा गया था। पांच दिन बाद इनकी दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। अब इनके स्वस्थ होने पर पीजीआई रोहतक तथा मेडिकल कॉलेज खानपुर से छुट्टी मिल गई है। सभी के जींद पहुंचने पर स्वास्थ्य विभाग ने इनका स्वागत किया।
सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान ने कहा कि कोरोना को हराकर इन सभी ने जीत हासिल की है। डॉ. जाटान ने कहा कि इन सभी का रैपिड टेस्ट किट से सैंपल लिया गया है, जिसमें यह लोग ठीक पाए गए। अब इनको केवल सात दिन अपने-अपने घर पर ही क्वारंटीन रहना होगा।
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डरने की नहीं, हौसले की जरूरत
कोरोना को हराकर जींद पहुंची जुलाना के वार्ड नंबर पांच निवासी 60 वर्षीय ओमपति, किशनपुरा निवासी 50 वर्षीय कर्मबीर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव खरक रामजी निवासी 43 वर्षीय राजेश, जींद की डिफेंस कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय कमलेश, खरक रामजी निवासी 55 वर्षीय सुमित्रा, सुंदरपुर निवासी 45 वर्षीय प्रकाश देवी, गांव भागखेड़ा निवासी 60 वर्षीय सत्यवान, धड़ौली निवासी 33 वर्षीय नरेश ने कहा कि कोरोना से डरने की कोई जरूरत नहीं है। यदि व्यक्ति का हौसला बुलंद है तो उसके आगे बड़ी से बड़ी बीमारी भी हार जाती है। कोरोना से बचने के लिए केवल सावधानी ही एकमात्र उपाय है। इसमें जो व्यक्ति घबरा जाएगा, समझो उस पर कोरोना हावी हो जाएगा, इसलिए आत्मविश्वास के साथ कोरोना से लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने कहा कि पीजीआई रोहतक में चिकित्सकों तथा नर्सों आदि का व्यवहार उनके साथ बहुत ही भावनात्मक रहा। उन्हें अच्छा खाना समय पर मिलता रहा।
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