जींद। जिले में मौसमी बीमारियों का असर बढ़ने लगा है। डेंगू के मामलों की संख्या आठ हो गई है। वहीं, स्वाइन फ्लू का एक और संदिग्ध मरीज मिला है। संदिग्ध मरीज का सैंपल जांच के लिए रोहतक लैब भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्वाइन फ्लू की पुष्टि होगी। इससे पहले जिले में एक वर्षीय बच्चे की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी।
सोमवार को बुढ़ाखेड़ा निवासी 25 वर्षीय युवक की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। युवक को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल जींद में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। नए केस के साथ अब जिले में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या आठ हो गई है।
डेंगू और स्वाइन फ्लू के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। चिकित्सकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्यकर्मी डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जा रहे हैं। वहां मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। लोगों को बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं। बुखार से पीड़ित लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं।
स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मामला मिलने के बाद ओपीडी और इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों को भी निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मरीजों की पहचान कर उनके सैंपल करवाने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग अब संदिग्ध मरीजों की जांच के साथ बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए निगरानी कर रहा है।
2015 में मिले थे डेंगू के 668 केस
जिले में वर्ष 2015 में डेंगू के सबसे ज्यादा 668 मामले सामने आए थे। इसके बाद जागरूकता और रोकथाम अभियानों से मामलों में कमी आई। स्वास्थ्य विभाग सितंबर और अक्तूबर को डेंगू का पीक सीजन मानता है। इस दौरान मच्छरों के पनपने के लिए मौसम अनुकूल रहता है। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है। इसलिए घरों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए।
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जिले में डेंगू का एक नया पॉजिटिव केस मिला है। स्वाइन फ्लू के एक संदिग्ध मरीज का सैंपल जांच के लिए रोहतक भेजा गया है। स्वास्थ्यकर्मी गांवों और शहर की कॉलोनियों में लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं।
-डॉ. बिजेंद्र ढांडा, जिला मलेरिया नोडल अधिकारी