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उचाना से 100 प्रतिशत विस चुनाव लड़ेंगे दुष्यंत : नैना

Mon, 12 Feb 2024 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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उचाना। दुष्यंत चौटाला उचाना से 100 प्रतिशत चुनाव लड़ेगे। यह बात बाढड़ा से विधायक नैना चौटाला ने रविवार को हिसार लोकसभा के चुनाव कार्यालय का उचाना में उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही। कार्यालय के उद्घाटन के बाद वह बूथ सखी कार्यक्रम के तहत महिलाओं के साथ बैठक की। इसमें महिलाओं को हर बूथ पर एक सखी तैनात करने के लिए कहा। इसके लिए हर विधानसभा के हर बूथ पर एक महिला सखी जजपा की ओर से नियुक्त की जा रही है।
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नैना चौटाला ने इंडिया गठबंधन पर कहा कि इंडिया का पहले आई निकल गया फिर एन निकल गया। जैसे अलग-अलग अक्षर जोड़कर यह गठबंधन बना था वैसे ही अक्षर खिसकते जा रहे हैं। एक दिन ऐसा आएगा कि इस गठबंधन में सिर्फ कांग्रेस बचेगी।
भूपेंद्र हुड्डा के विस सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाने के बयान पर नैना चौटाला ने कहा कि जब विस का सत्र आता है तो कांग्रेस बड़ी-बड़ी बातें करती है। इसके बाद विधानसभा में बैठकर इन लोगों को देखते हैं तो इनके पास कोई मुद्दा नहीं मिलता। इनके पास विकास की बातें नहीं होतीं, बल्कि खुद के लालच की बातें कर जनता को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। दुष्यंत चौटाला के उचाना से चुनाव न लड़ने की चर्चा पर विराम लगाते हुए नैना चौटाला ने कहा कि दुष्यंत को उचाना की जनता ने बहुत ज्यादा प्यार दिया है। उचाना का दुष्यंत हैं, दुष्यंत का उचाना है। पता नहीं क्यों इस तरह की अफवाह फैलाई जा रही है। लोकसभा चुनाव में जजपा-भाजपा गठबंधन के सवाल पर कहा कि एनडीए के घटक दल की जेजेपी सदस्य है। मीटिंग में भी पार्टी के शीर्ष नेता बुलाए गए हैं। एक ही बात कह सकती हूं कि जब एनडीए में हैं तो गठबंधन है। इस अवसर पर जिला प्रधान कृष्ण राठी, चेयरमैन राजेंद्र लितानी, महिला प्रदेशाध्यक्ष शीला भ्यान, शकुंतला ढिलौड़, सूरजमल ग्रोवर, सुनीता ढुल, सुशीला मलिक, मुकेश मौजूद रहीं।
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बातचीत से निकलता है हल

13 फरवरी को किसानों के दिल्ली कूच पर नैना चौटाला ने कहा कि पहले भी केंद्र नेतृत्व ने किसानों से बातचीत की है। किसान नेताओं को बड़ी लीडरशिप के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए। आंदोलन हर किसी चीज का समाधान नहीं होता। पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ किसान वार्ता करें तो समाधान जरूर होगा। किसानों की मांगे जायज हैं। इनको सरकार भी मानेगी, लेकिन यह मांगे सकारात्मक वार्ता में पूरी की जा सकती हैं।
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