जींद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को रोचक, सरल और आनंदमय बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की गई है। इसी उद्देश्य से ग्रीष्मकालीन अवकाश कार्य पुस्तिका तैयार की गई है।
यह केवल छुट्टियों का होमवर्क नहीं, बल्कि बच्चों के सीखने का एक नया माध्यम है। इसमें दी गई गतिविधियां बच्चों के दैनिक जीवन से जुड़ी हुई हैं। सरल भाषा और रोचक कार्यों के माध्यम से बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति से जुड़ाव को भी विशेष महत्व दिया गया है। पक्षियों के लिए दाना पात्र बनाएं गतिविधि में बच्चों को पक्षियों के लिए दाना रखने का पात्र तैयार करने और पक्षियों का अवलोकन करने के लिए प्रेरित किया गया है।
आओ पेड़-पौधों को जानें गतिविधि में बच्चे अपने आसपास के पेड़ों और पौधों की पहचान करते हैं। वहीं जल के रक्षक गतिविधि में बच्चों को पानी बचाने और उसके सही उपयोग के बारे में जागरूक किया गया है।
पुस्तक में दादा-दादी, नाना-नानी के बताए अनुभव
बच्चों को परिवार के साथ समय बिताने, दादा-दादी और नाना-नानी के अनुभवों से सीखने के लिए प्रेरित किया गया है। इसी प्रकार अपने घर को जानो गतिविधि में बच्चों को अपने घर की संरचना, परिवार के सदस्यों को समझने का अवसर दिया गया है। वहीं आओ खेल जानें गतिविधि के माध्यम से बच्चे अपने परिवार के बुजुर्गों से पारंपरिक खेलों के बारे में बताया गया है।
घर के कार्याें में सहयोग भी करना सिखाएगी पुस्तक
कार्य पुस्तिका की सबसे विशेष बात यह है कि इसमें सीखने को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा गया। सुबह-सुबह आओ मदद करें जैसी गतिविधियों में बच्चों को घर के कामों में सहयोग करना सिखाया गया है। इससे बच्चों में आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। बच्चों में वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा बढ़ाने के लिए भी पुस्तक में अनेक गतिविधियां दी गई हैं।
वर्जन
पुस्तक का मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखना नहीं बल्कि उन्हें जीवन, परिवार, समाज और अपने परिवेश से जोड़ना है। इस पुस्तक में अनेक गतिविधि-आधारित कार्य शामिल किए गए हैं।
-राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक, एफएलएन, जींद