आठ दिन से मंडी में किसान गेहूं लेकर आ रहे हैं, लेकिन जींद की अनाज मंडी में अभी तक खरीद नहीं शुरू हो पाई है। मंडी के आढ़ती गेहूं की खरीद नहीं कर रहे हैं। वीरवार को आढ़तियों की हड़ताल के चलते जींद मंडी में पहुंचे 201 किसानों में से एक का भी गेहूं एजेंसी ने नहीं खरीदा। मंडी में गेहूं की आवक लगातार होने की वजह से अब तक 21 हजार क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है। जींद को छोड़कर जिले की अन्य मंडियों में गेहूं की खरीद का काम शुरू हो चुका है।
दो दिन में मंडी में गेेहूं की आवक ज्यादा हुई है। बुधवार को मंडी में 50 किसानों के गेट पास कटे तो वीरवार को 131 के। अगर अगले दो दिन यह हड़ताल जारी रही तो जींद अनाज मंडी में गेहूं डलवाने के लिए जगह नहीं बचेगी। मंडी में गेहूं खरीद कर किसानों को राहत देने के लिए प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर पा रही है। हालांकि आढ़तियों की हड़ताल के चलते प्रशासन ने पंचायतों, डिपो होल्डर व सामाजिक संस्थाओं से आवेदन मांगे थे, ताकि किसानों की गेहूं खरीद करवाने में यह लोग आगे आकर राहत का कार्य कर सके। इसके लिए मार्केट कमेटी को इन संस्थाओं को अस्थायी लाइसेंस देने की योजना बनाई, लेकिन अब तक काई भी संस्था ने मार्केट कमेटी से अस्थायी लाइसेंस लेने के लिए आगे नहीं आई।
जब तक सरकार मांग नहीं मानती जारी रहेगी हड़ताल
मंडी प्रधान सत्यवान रेढू ने बताया कि उनकी मंशा किसानों को परेशान करने की नहीं है। सरकार उनकी मांग को जब मानेगी वह उसी दौरान खरीद का कार्य शुरू कर देंगे। अब तक जींद मंडी में किसी भी आढ़ती ने गेहूं नहीं खरीदा है। अगर जिले की अन्य मंडियों में कोई गेहूं की खरीद करता है तो वह उनके विवेक पर निर्भर करता है। फोटो कैप्शन
सफीदों मंडी में हड़ताल के बावजूद बिका 18 हजार क्विंटल गेहूं
सफीदों मंडी के कच्चा आढ़ती संघ ने वीरवार को मांगों को लेकर हड़ताल रखी। हड़ताल के बावजूद सफीदों में वीरवार को 18 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया। मार्केट कमेटी सचिव जगदीप सिंह ने कहा कि अब तक मंडी में दो लाख 70 हजार क्विंटल गेहूं आ चुका है। लगभग 26 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। वीरवार को 18 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया। कच्चा आढ़ती संघ के प्रधान पालेराम राठी ने कहा कि पांच अप्रैल को करनाल में हुई राज्य स्तरीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश की मंडियों के सभी प्रधानों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि अगर सात अप्रैल तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आठ अप्रैल से कोई भी आढ़ती, मुनीम व मजदूर सरकार के लिए गेहूं खरीद का कार्य नहीं करेगा।
आढ़तियों की मांगें
आढ़तियों ने कहा कि गेहूं का भुगतान किसान की बजाय आढ़ती के खाते में आना चाहिए। आढ़ती से भराई में प्रयोग आने वाले बारदाने पर कोई मार्का नहीं लगवाया जाए। जे फार्म की मजदूरी जे फार्म में से काटी जाए। धान के सीजन की लोडिंग की मजदूरी का तत्काल भुगतान करवाया जाए। आढ़ती की दामी सीजन खत्म होने के 15 दिन में दी जाए। मंडी के नजदीक धर्म कांटे का तोल ही मान्य हो। बाद के वजन घटने की जिम्मेदारी आढ़ती की नहीं होनी चाहिए। खरीफ 2020 का भुगतान जिस भी गलत खाते में गया है, उसे सही खातों में भेजा जाए।
पिल्लूखेड़ा मंडी में गेहूं की खरीद शुरू
पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में आठवें दिन मार्केट कमेटी सचिव के प्रयास से गेहूं खरीद का कार्य शुरू हो गया। मार्केट कमेटी सचिव सतबीर सिंह वीरवार को अपने कर्मचारियों के साथ अनाज मंडी में पहुंचे और गेहूं खरीद का कार्य शुरू करवाया। अनाज मंडी में वीरवार को हैफेड खरीद एजेंसी ने 600 क्विंटल गेहूं खरीदा। गेहूं खरीद होने से पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में कई दिनों से गेहूं लेकर पहुंचे किसान भी खुश दिखाई दिए। अनाज मंडी में बिजली व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने को लेकर सचिव ने बिजली अधिकारियों को पत्र लिखा है।
बिजली सुचारु रूप से चलाने को लेकर सचिव ने लिखा पत्र
पिल्लूखेड़ा अनाज मंडी में सुबह से लेकर शाम तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से गेहूं खरीद का कार्य प्रभावित हो रहा है। जिसके चलते मार्केट कमेटी सचिव सतबीर सिंह ने बिजली निगम के अधिकारियों को पत्र लिखकर इस समस्या के समाधान करने को कहा है।
आढ़तियों से हड़ताल खत्म करने का आह्वान किया
जुलाना की अनाज मंडी में वीरवार को मंडी के सभी आढ़ती हड़ताल पर रहे। मंडी में आढ़तियों ने बताया कि सरकार के फैसले का आढ़ती विरोध कर रहे हैं। जुलाना आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान जसवंत ने कहा कि सरकार मंडियों को खत्म करना चाहती है, लेकिन आढ़ती सरकार की मंशा को कभी भी पूरा नहीं होने देंगे। मंडी में जायजा लेने के लिए एसडीएम राजेश कुमार पहुंचे और आढ़तियों की बैठक ली। एसडीएम राजेश कुमार ने कहा कि वह खरीद का कार्य सुचारु रूप से जारी रखें। आढ़तियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाए जाएंगे।
मंडी में गेहूं की आवक जारी है। वीरवार को 50 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी। मंडी में किसानों के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंडी में किसानों को फसल बेचने में किसी प्रकार कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
दीपक लोहचब, मार्केट कमेटी सचिव जुलाना।
उचाना में नहीं दिखा आढ़तियों की हड़ताल का असर
आढ़तियों द्वारा मांगे नहीं माने जाने पर प्रदेश भर में आठ अप्रैल से हड़ताल का ऐलान किया। उचाना मंडी में आढ़तियों की इस हड़ताल का कोई भी असर नजर नहीं आया। गेहूं की नमी की जांच कर खाद्य आपूर्ति विभाग व मार्केट कमेटी कर्मचारियों द्वारा गेहूं खरीदा गया। खरीदे गए गेहूं का तोल भी कई जगहों पर आढ़तियों के पास लेबर द्वारा किया गया। आढ़तियों द्वारा हड़ताल में गेहूं का तोल नहीं करने व गेहूं की खरीद में सहयोग नहीं करने सहित अन्य फैसले लिए थे। यहां पर हड़ताल को लेकर लिया गया कोई भी फैसला मंडी में नजर नहीं आया। वीरवार को 11 बजे गेहूं की खरीद शुरू की गई। किसान बारूराम, सतीश, कृष्ण, संतराज ने कहा कि किसान को एक बार में 80 क्विंटल का ही गेट पास काटा जा रहा है। किसान जितनी उपज लेकर आता है वह उसका गेट पास कटना चाहिए। सरकार की जो मंशा है वह किसान हित में है। सबसे पहले प्रदेश में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई है। उपमुख्यमंत्री का हलका होने के चलते किसानों को अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई।
उचाना मंडी में गेहूं के बैगों की तौल करते मजदूर। संवाद- फोटो : Jind
अनाज मंडी में नारेबाजी करते आढ़ती। संवाद- फोटो : Jind
जींद अनाज मंडी में बिकने के इंतजार में पड़ा गेहूं। संवाद- फोटो : Jind