अवैध निर्माण को बुलडोजर की मदद से गिराता प्रशासन। संवाद
जींद। जिला नगर योजनाकार दस्ते ने शुक्रवार को नए बस अड्डे के पास तथा कैथल रोड पर अहिरका गांव के पास अवैध निर्माणों को ढहाने का काम किया। कार्रवाई के दौरान प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय सहित 35 डीपीसी तोड़ी गई और सड़क नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई को अंजाम देने के दौरान पुलिसबल तैनात रहा।
जिला नगर योजनाकार विभाग द्वारा अप्रैल माह में अलग-अलग तिथियों में अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर डीटीपी ने सुरक्षा बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति के लिए जिलाधीश से अनुमति मांगी गई है। जिला नगर योजनाकार विभाग का दस्ता शुक्रवार को नए बस अड्डे के पास पहुंचा। यहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर डीटीपी मनीष कुमार दहिया स्वयं मौजूद रहे। यहां बस अड्डे की दीवार के साथ ही अवैध रूप से विकसित की जा रही काॅलोनी में बुलडोजर की सहायता से पहले कच्चा सड़क नेटवर्क को तोड़ा गया। इसके बाद 15 डीपीसी तोड़ी गई। यहां बने प्रॉपर्टी एडवाइजर के कार्यालय को भी बुलडोजर मशीन की सहायता से ध्वस्त किया गया। इसके बाद विभाग की अनुमति के बिना बनाए गए तीन कमरों को ढहाया गया। लगभग नौ एकड़ में अवैध निर्माण को यहां ढहाया गया। यहां पर तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद विभागीय अमला कैथल रोड पर अहिरका गांव के पास पहुंचा। यहां एक एकड़ में अवैध रूप से विकसित की जा रही काॅलोनी में बुलडोजर की सहायता से निर्माण को गिराया गया और सड़क नेटवर्क को उखाड़ा गया। नियमानुसार कृषि योग्य जमीन को रिहायश में बदलने के लिए जिला नगर योजनाकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी है। जिसके लिए सरकार द्वारा गाइड लाइन भी जारी की हुई है। बावजूद इसके नियमों को ताक में रखकर धड़ल्ले से अवैध रूप से निर्माण किए जा रहे हैं।
जिला नगर योजनाकार मनीष दहिया ने बताया कि दोनों जगहों पर अवैध रूप से निर्माण किए गए थे। जिनको नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा गया था। शुक्रवार को कार्रवाई कर अवैध निर्माण को गिरा दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में अवैध निर्माणों को पनपने नहीं दिया जाएगा।