जींद। शहर के चारों तरफ विकसित की जा रही अवैध काॅलोनियों पर नगर योजनाकार विभाग की मंगलवार को नरम दृष्टि से कार्रवाई चली। नगर योजनाकार विभाग की टीम सुबह ही सफीदों रोड पर पहुंच गई थी।
इस दौरान लगभग 20 निर्माण पर कार्रवाई हुई। इनमें विभाग की टीम ने एक भी निर्माण का लेंटर नहीं गिराया, बल्कि दीवार व शटर उखाड़ने तक ही कार्रवाई को जारी रखा। भारी संख्या में पुलिसबल तथा ड्यूटी मजिस्ट्रेट बलराम जाखड़ की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई।
डीटीपी की कार्रवाई के दौरान सफीदों रोड पर अवैध निर्माण गिरवाने के दौरान कोई राजनेता का फोन हाथ में लेकर बात करने की गुजारिश करता रहा तो कोई हाथ जोड़कर बर्बाद होने की गुहार लगाता दिखाई दिया।
इसके बावजूद भी डीटीपी ने न तो किसी नेता का फोन सुना और न किसी से बात की। अवैध निर्माण करने वालों को खुला कहा कि अगर कार्रवाई रुकवानी है तो डायरेक्टर से पत्र जारी कर रुकवाओ। उनको कार्रवाई के निर्देश मिले हैं।
वहीं, कुछ निर्माणाें पर डीटीपी के अमले की नरम दृष्टि रही। इसके चलते किसी भी निर्माण का लेंटर व पिलर नहीं तोड़े, बल्कि पिलर के अंदर की दीवार व शटर उखाड़ने और अवैध काॅलोनी की गलियों को उखाड़ने तक ही सीमित रखा गया। यह किसी का दबाव था या लोगों की अपील का असर।
शहर के बस अड्डे के नजदीक एक काॅलोनी पर डीटीपी की टीम ने पहले तीन बार कार्रवाई की थी। इस दौरान सफीदों रोड पर पनप रही इन अवैध काॅलोनियों पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। 14 एकड़ में विकसित की गई अवैध काॅलोनी में दुकानें, डीपीसी, बाउंड्रीवाॅल, रोड नेटवर्क को तोड़ने का काम किया।
कई स्थानों पर सड़कों के साथ कृषि योग्य जमीन पर अवैध रूप से निर्माण किए गए हैं और अवैध रूप से काॅलोनियां काटी गई हैं। नियमानुसार कृषि योग्य जमीन को रिहायश में बदलने के लिए जिला नगर योजनाकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी है।
इसके लिए सरकार द्वारा गाइड लाइन भी जारी की हुई है। बावजूद इसके नियमों को ताक में रखकर धड़ल्ले से अवैध रूप से निर्माण किए जा रहे हैं।
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बस अड्डे के नजदीक मकान व दुकानों को किया था ध्वस्त
डीटीपी की टीम ने बस अड्डे के नजदीक एक काॅलोनी पर तीन बार कार्रवाई कर कुछ रसूकदारों के निर्माण को छोड़ दिए थे, लेकिन बाकी के पूरी तरह से ध्वस्त किए थे। इसके विपरित मंगलवार को सफीदों रोड पर डीटीपी की टीम ने मन मुताबिक कार्रवाई की। इसमें अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की बजाए, शटर व दीवाराें को गिराने तक ही सीमित रखा गया। किसी भी अवैध निर्माण के लेंटर पर कार्रवाई नहीं की गई।
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अवैध निर्माणों को लेकर काॅलोनी में 50 निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किए थे। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है। नोटिस देने के बाद अवैध निर्माण करने वाले लोगों ने अपने निर्माणों को नहीं हटाया था। सफीदों रोड पर अलग-अलग दो काॅलोनी 14 एकड़ में विकसित की जा रही थी।
-अंजू जून, जिला नगर योजनाकार, जींद।