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Jind News: बूंदाबांदी और तेज हवा ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

Fri, 28 Feb 2025 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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27जेएनडी06-शहर के रोहतक रोड पर बूंदाबांदी के बीच गुजरती महिला। संवाद
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जींद। जिले में अलसुबह कई जगह तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। इसके कारण गेहूं, जौ और सरसों की फसल बिछ गई। जिले में पूरा दिन तेज हवा चलती रही। किसानों ने बूंदाबांदी और तेज हवा से बिछी रबी की फसल में नुकसान की आशंका जताई है। वीरवार सुबह नरवाना में सबसे ज्यादा बारिश हुई। नरवाना में तीन एमएम वहीं जींद में 1.2 एमएम, सफीदों, जुलाना और पिल्लूखेड़ा में एक-एक एमएम बारिश हुई। इसके अलावा उचाना में दो एमएम बारिश हुई। बारिश के कारण जिले में कई जगह बिजली भी बाधित हो गई। इसके कारण निगम सर्कल में 100 के लगभग शिकायत दर्ज की गई। वहीं केबल में बारिश का पानी घुसने से उपभोक्ताओं को परेशानी हुई। वीरवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं आद्रता 81 प्रतिशत रही। हवा 18 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली।
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बुधवार देर रात को मौसम ने अचानक करवट ले ली थी और तेज हवाएं चलने लगी। इसके बाद नरवाना, जींद और अलेवा क्षेत्र में फुहार शुरू हो गई। लगभग आधा घंटा बाद फुहार बंद हो गई और उसके बाद शुक्रवार सुबह जब लोग उठे तो उन्हें बूंदाबांदी शुरू हुई मिली। इसके बाद जींद और नरवाना क्षेत्र में कई देर बूंदाबांदी का दौर चला। बूंदाबांदी के साथ तेज हवा भी चल रही थी। इससे किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही थी, क्योंकि इस समय बारिश और तेज हवा से रबी की फसलों को केवल नुकसान ही होगा। फिलहाल सरसों की फसल पकने को तैयार है। इसके अलावा जौ और गेहूं की फसल पर बालियां आ चुकी है। इन फसलों पर अब बोझ हो चुका है। तेज हवा चलने पर यह फसलें अब गिर जाएगी, जिससे पैदावार पर काफी असर पड़ेगा। इसलिए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से आग्रह भी किया है कि मौसम को देखते हुए अब फसलों में सिंचाई न करें। यदि सिंचाई करनी है तो सुबह या शाम के समय करें और हवा का विशेष ध्यान रखें।

बारिश हुई तो फसलों को होगा नुकसान

किसान बिजेंद्र, रामकला, सूरजमल, राममेहर, फकीरचंद, सुभाष, रोहताश का कहना है कि अब रबी की फसल पकने को तैयार है। जौ और गेहूं की फसल में दाना बनना शुरू हो गया है। वहीं सरसों की फसल में तो दाना बनकर तैयार हो चुका है। बस अब 15 दिनों में तो सरसों फसल की कटाई शुरू हो जाएगी। इसके 15 दिन बाद जौ और गेहूं की भी कटाई शुरू हो जाएगी। फिलहाल अगेती गेहूं और जौ की फसल को पानी की जरूरत नहीं है, लेकिन पछेती फसल को एक सिंचाई की जरूरत है। यदि अब बारिश होती है तो अगेती और पछेती दोनों फसलों को नुकसान होगा, क्योंकि बारिश होते ही थोड़ी सी हवा चलने पर फसल गिर जाएगी, जो कि पैदावार के लिए नुकसान देह है।
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आज और कल हो सकती है बारिश

मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को बारिश होने की संभावना जताई है। इसके कारण शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहेगा। शनिवार को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री, रविवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम दस डिग्री सेल्सियस रहेगा। सोमवार को अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रहेगा। मंगलवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस रहेगा। बुधवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस रहेगा। वीरवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस रहेगा।

वर्जन

शुक्रवार और शनिवार को बारिश की संभावना बन रही है। बारिश और तेज हवा से रबी की फसलों को नुकसान हो सकता है। अगेती फसल में सिंचाई करने की जरूरत नहीं है। यदि सिंचाई करनी है तो सुबह-शाम ही करें और हवा का खासकर ध्यान रखें।
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डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक, पांडू-पिंडारा

27जेएनडी06-शहर के रोहतक रोड पर बूंदाबांदी के बीच गुजरती महिला। संवाद

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