जींद। पाच अप्रैल को आयोजित सीएम की रैली के दौरान जिमखाना क्लब में चिकित्सा शिविर में ड्यूटी से गैरहाजिर मिलने के मामले में गठित जांच कमेटी के समक्ष डॉ. नवदीप मलिक के पेश न होने से कार्रवाई अटक गई है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, डॉ. नवदीप न तो कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित हो रहे हैं और न ही चार दिन से ड्यूटी पर आ रहे हैं। इस संबंध में अस्पताल को कोई पूर्व सूचना भी नहीं दी गई है। इससे प्रशासनिक स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी डॉक्टर के बयान का इंतजार कर रही है लेकिन गैरहाजिरी के चलते रिपोर्ट तैयार नहीं हो पा रही।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से पूरा करने के लिए संबंधित डॉक्टर का पक्ष जानना आवश्यक है। वहीं, बिना सूचना अनुपस्थित रहने को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। यदि जल्द ही डॉ. मलिक कमेटी के सामने पेश नहीं होते हैं तो नियमों के तहत एकतरफा कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार पांच अप्रैल को मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान लगाए गए चिकित्सा शिविर में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर गैरहाजिर मिले थे। इसके बाद मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। अब डॉक्टर की लगातार अनुपस्थिति ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
वर्जन
कमेटी को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे लेकिन कमेटी के समक्ष डॉ. पेश नहीं हो रहे हैं। इस कारण जांच अटकी हुई है। चार दिन से ड्यूटी पर भी नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में भी उनको कोई सूचना या छुट्टी के लिए पत्र नहीं मिला है। अब इसके लिए भी नोटिस भेजा गया है।
-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद