जींद। दहेज हत्या के मामले में एडिशनल सेशन जज शिफा किरण की अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी पति को बरी करार दिया है। यह मामला वर्ष 2022 से विचाराधीन था।
अभियोग के अनुसार मृतका के पिता जयनारायण ने 25 सितंबर 2022 को सदर थाना पुलिस को एफआईआर में बताया था कि उसकी बेटी भतेरी की शादी वर्ष 2013 में रामराय निवासी अनिल के साथ की थी। शादी के बाद से ही उसकी बेटी को उसका पति अनिल, सास कमलेश, ससुर जयभगवान और देवर सुनील परेशान करने लगे।
कई बार पंचायते भी हुई लेकिन फिर भी वह उसे परेशान करते रहे। मृतका के पिता के अनुसार भतेरी का देवर उसके साथ मारपीट भी करता था। उनकी मांग पर उन्होंने ससुर की एक सोने की अंगूठी भी बनवाई थी। फिर 25 सितंबर 2022 को उनको सूचना मिली कि उसकी बेटी भतेरी ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है।
उन्होंने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी को दहेज के लिए मारा है। इस मामले में पुलिस ने पति समेत चार ससुरालजनों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद जांच में सास, ससुर और देवर पर लगाए गए आरोप साबित नहीं हो पाए थे।
फिलहाल आरोपी अनिल के खिलाफ अदालत में मामला चल रहा था लेकिन अनिल के खिलाफ भी अहम सबूत नहीं मिले जिस पर एडिशनल सेशन जज शिफा किरण की अदालत ने सबूतों के अभाव में अनिल को बरी कर दिया।