जींद। सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने गांव डूमरखां कलां को स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में आदर्श गांव के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की है। सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली ने गांव को गोद लिया है।
मंगलवार को सिविल सर्जन ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विजेंद्र ढांडा के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डूमरखां पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान शिविर में ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, जांच सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के बाद सिविल सर्जन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में गांव में सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक शत-प्रतिशत पहुंचाने की कार्ययोजना तैयार की गई। विभाग का विशेष फोकस गैर-संचारी रोगों (एनसीडी), एचपीवी टीकाकरण, एनीमिया और मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा।
सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली ने अधिकारियों और कर्मचारियों को टीकाकरण, विशेषकर एचपीवी टीकाकरण, शून्य मातृ मृत्यु दर, एनीमिया नियंत्रण और टीबी उन्मूलन की दिशा में निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अगले छह माह में डूमरखां कलां में इन स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से लागू कर ग्रामीणों को अधिक से अधिक सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। आगामी दिनों में गांव में मेगा हेल्थ कैंप लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसमें ग्रामीणों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की जाएगी और पात्र लोगों को विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
एक अक्तूबर को सिविल सर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ दोबारा बैठक कर अब तक की प्रगति की समीक्षा करेंगी। बेहतर काम करने वाले बुजुर्गों और युवाओं को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
स्वास्थ्य के साथ हरियाली का भी संदेश
निरीक्षण के दौरान पीएचसी परिसर में पौधारोपण किया गया। इस मौके पर डॉ. मुनीश, डॉ. मंदीप, ग्राम सचिव जितेंद्र, सरपंच राहुल उर्फ गोल्डी, सरपंच प्रतिनिधि रणवीर, पंच महावीर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे। विभाग का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जनभागीदारी बढ़ाकर डूमरखां कलां को स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश के बेहतर गांवों में शामिल करना है।