जींद। जिले में घरेलू गैस सिलिंडर उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ रही है। एक ओर सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित है तो दूसरी ओर कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की किल्लत से होटल, ढाबा और फास्ट फूड संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉमर्शियल सिलिंडर 2000 रुपये में ब्लैक में खरीदने को मजबूर हैं जबकि रेट 1650 रुपये के लगभग है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी के तबादले के बाद से कॉन्फेड के उपभोक्ताओं को नियमित गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी का 27 फरवरी को तबादला हो गया था और चार मार्च को उन्हें रिलीव कर दिया गया। इसके बाद से नए अधिकारी की नियुक्ति और चेक पर हस्ताक्षर नहीं होने के कारण गैस की आपूर्ति से संबंधित भुगतान की प्रक्रिया अटक गई है। इससे सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
शहर में जहां सप्ताह में 1500 सिलिंडर मिलते थे। वहां अब 500 मुश्किल से मिल रहे हैं। दूसरी तरफ उचाना क्षेत्र में स्थिति और अधिक गंभीर बनी है। यहां चार दिनों से गैस एजेंसी पर सिलिंडर नहीं पहुंचा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को गैस के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोग एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं लेकिन सिलिंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
अब उपभोक्ताओं को एक सिलिंडर 25 दिन बाद ही मिलेगा
नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ताओं को एक सिलिंडर 25 दिन बाद ही मिलेगा। इसके अलावा वर्ष में अधिकतम 12 सिलिंडर ही दिए जाएंगे। इससे पहले उपभोक्ताओं को साल में 15 से 18 सिलिंडर तक मिल जाते थे जिससे घरेलू जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती थीं। अब नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ सकती है। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की भी भारी किल्लत बनी है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और फास्ट फूड की दुकानों पर कामकाज प्रभावित हो रहा है। कई संचालकों का कहना है कि नियमित सप्लाई नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में अधिक कीमत देकर सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है।
आपूर्ति सामान्य नहीं होने पर कारोबार प्रभावित होने की आशंका
फास्ट फूड विक्रेताओं और छोटे होटल संचालकों का कहना है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो कारोबार प्रभावित होगा। कई दुकानदारों का कहना है कि गैस की कमी के कारण ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करवाना पड़ रहा है।-रमेश फास्ट फूड रेहड़ी संचालक
काेयला, थैली, लकड़ी, रिफाइंड, तेल के बढ़े दाम
गैस सिलिंडर की कमी के चलते कोयला के प्रति बैग 50 रुपये, प्लास्टिक की थैली के प्रति किलो 50 रुपये, रिफाइंड का दाम 10 रुपये प्रति किलो बढ़े हैं। लकड़ी के भी दाम 100 रुपये क्विंटत तक बढ़ने से लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है। परचून की दुकान के मालिक सुरेंद्र ने बताया कि अधिकतर सामान के रेट में दो दिन से वृद्धि हुई है।
फिलहाल जिले में गैस की ज्यादा दिक्कत उचाना में है। इसके अलावा कॉन्फेड में अधिकारी के तबादले के कारण परेशानी शुरू हुई है। बुधवार को जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी ज्वाइन करेंगे। इसके बाद कॉन्फेड के उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं रहेगी। -अमित सैनी, सप्लाई इंचार्ज जींद