26जेएनडी06 : हड़ताल को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाते चिकित्सक। संवाद
जींद। आप उपचार के लिए बुधवार को अस्पतालों का रुख कर रहे हैं तो जरा संभल कर, क्योंकि हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के आह्वान पर जिलाभर के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक बुधवार को हड़ताल पर रहेंगे। केवल इमरजेंसी सुविधाएं जारी रहेंगी।
जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल 200 बेड का है। यहां प्रतिदिन 1500 तक की ओपीडी होती है। सोमवार या किसी छुट्टी से अगले दिन यह ओपीडी बढ़कर 1800 तक पहुंच जाती है। जींद के नागरिक अस्पताल में आसपास के गांवों से लोग उपचार के लिए आते ही हैं साथ ही शहर में रह रहे लोग भी उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में बुधवार को चिकित्सकों की हड़ताल के चलते आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन सदस्यों ने मंगलवार को नागरिक अस्पताल में बैठक की।
एसोसिएशन के प्रधान डाॅ. विजेंद्र ढांडा ने कहा कि मांगों के पूरा न होने के रोष स्वरूप पहले 19 दिसंबर को सभी चिकित्सकों ने अपनी ड्यूटी दौरान काली पट्टी बांध कर काम किया। इसके बाद 20 दिसंबर को उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा जाएगा सरकार ने उनकी मांगों को लेकर कोई सुनवाई नहीं की है। इसलिए बुधवार को नागरिक अस्पताल की ओपीडी में सेवाओं को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं बहाल रहेंगी। अगर सरकार फिर भी उनकी मांग को अनसुना करती है तो 29 दिसंबर को ओपीडी व इमरजेंसी में अपनी सेवाओं को पूर्ण बंद कर दिया जाएगा।
मांगें पूरी नहीं कर रही सरकार
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि विशेषज्ञों की कमी के कारण चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होती हैं, जिससे जनता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए एक करोड़ की वर्तमान बांड राशि और उससे जुड़ी शर्तें डॉक्टरों पर वित्तीय बोझ पैदा करती हैं। डाॅ. संदीप लोहान ने कहा कि मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर डॉक्टरों के लिए पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बिना किसी बंधक आवश्यकता के बांड राशि को घटा कर 50 लाख किया जाए। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की सीधी भर्ती बंद की जाए और होम्स कैडर के लिए सेवा नियमों में संशोधन किया जाए। एसएमओ के लिए सीधी भर्ती बंद होने के बावजूद सेवा नियमों में संशोधन नहीं किया गया है।
चिकित्सक बुधवार को हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में आमजन को उपचार को लेकर परेशानी नहीं आए, इसके लिए एनएचएम चिकित्सकों की डयूटी लगाई गई है। आमजन भी चिकित्सकों की हड़ताल को लेकर स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।
डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।