जींद। नागरिक अस्पतालों में 1 मार्च से ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है। ड्रेस कोड के तहत पश्चिमी सभ्यता वाले कपड़े, हेयर स्टाइल, भारी गहने, असेसरीज शृंगार, लंबे नाखून काम के समय अस्वीकार्य किए गए हैं। इसके अलावा नेम प्लेट पर कर्मचारी का नाम और पदनाम दर्ज होना अनिवार्य है, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों पर यह नियम अभी लागू नहीं हुआ है। शुक्रवार को कई चिकित्सक बिना ड्रेस कोड के काम करते हुए दिखाई दिए। हालांकि स्टाफ नर्स, एचकेआरएनएल के तहत लगे कर्मी ड्रेस कोड में दिखे, पर उनके पास भी नेम प्लेट नहीं थी।
नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को विश्व हियरिंग दिवस पर कार्यक्रम था। इसके चलते चिकित्सक उसमें व्यस्त थे। हालांकि इमरजेंसी में सेवाएं चालू थीं। जब इमरजेंसी का दौरा किया गया तो वहां चिकित्सक बिना ड्रेस कोड के काम कर रहे थे, जबकि अन्य स्टाफ ड्रेस कोड में दिखा। एचकेआरएन के तहत लगे कर्मी ड्रेस कोड में दिखाई दिए, लेकिन उनके पास नेम प्लेट नहीं थी। अस्पताल के स्टाफ को नेम प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है। नर्सिंग कैडर को छोड़कर संबंधित पदनाम के प्रशिक्षु सफेद शर्ट और नेम प्लेट के साथ काली पैंट पहन सकते हैं। इस पॉलिसी में ड्रेस कोड वीक में 24 घंटे, 7 दिन, वीकेंड, शाम और रात की शिफ्ट समेत लागू होगा। कपड़े ठीक से फिट होने चाहिए और इतने तंग या ढीले भी नहीं हों जो व्यक्तिगत रूप से अलग हो जाएं। इसके अलावा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) सेवाओं के तहत काम करने वाले कर्मचारी नेम प्लेट के साथ ड्रेस कोड की अपनी प्रणाली के साथ कार्य पर रहेंगे। यदि प्रस्तावित ड्रेस कोड नीति में कोई पदनाम पद छूट गया है तो कर्मचारी पदनाम पर ड्रेस कोड पहना जाएगा।
महिला कर्मचारी नहीं पहन सकतीं डेनिम स्कर्ट
ड्रेस कोड में किसी भी रंग की जींस, डेनिम स्कर्ट और डेनिम ड्रेस को पेशेवर ड्रेस नहीं माना गया है। इनको पहनने की अनुमति नहीं होगी। स्वेट शर्ट, स्वेट सूट, शार्ट्स की अनुमति भी नहीं होगी। स्लेक्स, ड्रेस, स्कर्ट और प्लाजो को पहनने की अनुमति भी नहीं होगी। ऐसे ही टी-शर्ट, स्ट्रेच टी-शर्ट, स्ट्रेच पैंट, फिटिंग पैंट, चमड़े की पैंट, कैपरी, स्वेट पैंट, टैंक टॉप, स्ट्रेपलेस, बैकलेस टॉप, नेक लाइन वाला टॉप की अनुमति नहीं होगी। जूतों के संबंध में नीति के तहत जूते काले आरामदायक और सभी सजावट से मुक्त होने चाहिए तथा साफ भी होने चाहिए।
ड्रेस कोड नियमों की जानकारी सभी चिकित्सकों व स्टाफ को उपलब्ध करवा दी गई थी। सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत कर्मियों को विशेष वर्दी समेत ड्रेस कोड का पालन करना होगा। इस ड्रेस कोड का 24 घंटे पालन किया जाना है। इसका उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।