जींद। भारतीय किसान यूनियन की प्रदेशस्तरीय बैठक शुक्रवार को हाउसिंग बोर्ड स्थित किसान भवन में हुई। इसमें पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए किसान नेता अक्षय नरवाल समेत अन्य को रिहा करने की मांग की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 11 मार्च को करनाल में भारतीय किसान यूनियन के नेता गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं की रिहाई के लिए गिरफ्तारी देंगे। इसके अलावा 14 मार्च को दिल्ली कूच को लेकर कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई।
प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि 22 फरवरी को संयुक्त किसान मोर्चा ने छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। यह कमेटी अन्य किसान संगठनों से बातचीत करके पंजाब के किसानों के चलाए जा रहे आंदोलन के बारे में फैसला लेगी। इस कमेटी का निर्णय एक या दो दिन में आने वाला है। कमेटी का यदि यह निर्णय होगा कि पंजाब के किसानों के साथ मिलना है तो सभी किसानों को इसके लिए तैयार रहना होगा। इसके अलावा 14 मार्च को सभी किसान दिल्ली कूच के लिए तैयार रहें। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 14 मार्च को दिल्ली में एक दिवसीय महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें अधिक से अधिक किसान पहुंचने चाहिए। इसके लिए गांव-गांव जाकर अन्य किसानों को भी निमंत्रण देना होगा। सभी भाकियू के पदाधिकारी इसके लिए कार्यक्रम बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे करें और लोगों को इसका निमंत्रण दें।
रतन मान ने कहा कि इसके अलावा 11 मार्च को करनाल में किसान गिरफ्तारियां देंगे। यह किसा नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किया जाएगा। यदि सरकार ने किसान नेताओं को रिहा नहीं किया तो गिरफ्तारी का यह सिलसिला लगातार चलता रहेगा। इसके अलावा मान ने कुछ किसान नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अनुशासनहीनता कर रहे हैं। भाकियू में अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों का भाकियू से कोई संबंध नहीं रहेगा। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष उमेद सिंह रेढू, संरक्षक प्रेमचंद शाहपुर, जिला प्रधान बारूराम, कुलदीप खरड़ हिसार के प्रधान, करनाल से सुरेंद्र सिंह प्रधान, यमुनानगर से सुभाष गुर्जर, बृजपाल पंचकूला से, कैथल बनी सिंह राणा, छज्जूराम कंडेला, बिंदर नंबरदार युवा प्रधान भी मौजूद रहे।