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Jind News: एमएसपी पर सरसों की खरीद के दावों व हकीकत में अंतर

Wed, 03 Apr 2024 12:50 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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नई अनाजमंडी में आधे-अधूरे पड़े शेड का चल रहा निर्माण। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। सरकार की तरफ से सरसों को एमएसपी पर खरीदने के भले ही बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। नई अनाजमंडी में प्रतिदिन 1500 क्विंटल के आसपास सरसों आ रही है, लेकिन इसमें से आधी से भी कम सरसों एमएसपी पर खरीदी जा रही है। कुछ में नमी बताई जा रही है तो कुछ का डाटा मुख्यालय से नहीं आने के बारे में कहा जा रहा है। किसान अपनी सरसों की फसल को लगभग 800-900 रुपये प्रति क्विंटल कम बेचने को मजबूर हैं।
किसान नेता फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि सरकार के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। यह सरकार लूट और झूठ की राजनीति कर रही है, इसको किसानों से कोई लेनादेना नहीं है। इसके अलावा अनाजमंडी में न तो किसानों के लिए रात को रुकने की कोई व्यवस्था है और न ही टॉयलेट ही साफ हैं। ऐसे में आधी अधूरी व्यवस्था के बीच गेहूं का भी सीजन शुरू होने वाला है। नई अनाज मंडी में पिछले कई दिनों से सरसों की आवक जारी है। इस समय सरसों की आवक पूरी जोरों पर है। प्रतिदिन लगभग तीन हजार बोरी सरसों प्रतिदिन मंडी में आ रही है। सरकार ने सरसों का एमएसपी 5650 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया हुआ है, लेकिन तीन हजार बोरी में से एक हजार के आसपास बोरी ही एमएसपी पर खरीदी जा रही हैं। जिन किसानों की सरसों एमएसपी पर नहीं बिक रही, वह किसान 4700-4800 रुपये प्रति क्विंटल सरसों बेचने को मजबूर हैं। इससे किसानों को लगभग 900 रुपये प्रति क्विंटल घाटा हो रहा है। काफी किसान तो ऐसे हैं, जिन्होंने मेरी फसल मेरा ब्योरा पर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है, जबकि काफी किसानों का डाटा मुख्यालय से एक महीने बाद भी मार्केट कमेटी कार्यालय नहीं पहुंचा है। इन किसानों का यहां रिकार्ड नहीं होने के कारण इनको भी सरसों की फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है।
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मूलभूत सुविधाएं भी अधूरी
नई अनाजमंडी में यदि किसी किसान को रात को रुकना पड़ जाए तो इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा टॉयलेट इतने गंदे हैं कि उनका इस्तेमाल तो दूर, उनकी तरफ झांकना भी मुमकिन नहीं है। लंबे समय से टॉयलेट्स की सफाई नहीं हुई है। इनमें पानी की व्यवस्था तक नहीं है। इसके अलावा अनाज मंडी के दोनों पुराने शेड पिछले साल हटाकर उनकी जगह नए शेड लगाने का काम शुरू हुआ था। लगभग तीन करोड़ की लागत से नए शेड लगाने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। बारिश हुई तो किसानों का पीला सोना अनाज मंडी में पानी-पानी हो जाएगा।
नहीं हो रही एमएसपी पर खरीद
जजपा हलका प्रधान सुनील कंडेला तथा किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि पोर्टल के चक्कर में किसानों की सरसों की एमएसपी पर खरीद नहीं हो रही है। वैसे तो सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने का ढकोसला करती है, लेकिन अनाज मंडियों में किसानों के साथ खुली लूट हो रही है। सरकार लूट और झूठ की राजनीति कर रही है। सरकार को मंडियों में एमएसपी पर सरसों का एक-एक दाना खरीदना चाहिए।
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सरसों की सरकारी खरीद में आढ़ती सहयोग नहीं कर रहे। हैफेड की सरकारी दुकान पर हर रोज लगभग 800 से एक हजार क्विंटल सरसों की खरीद हो रही है। किसानों के रात्रि विश्राम के लिए रेस्ट हाउस नहीं है। जिन किसानों को रात को मंडी में रुकना पड़ेगा, उनका इंतजाम धर्मशाला में किया जाएगा। मंडी के टॉयलेट्स की टूटी हुई सीट बदलवाकर सफाई करवा दी जाएगी। शेड का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है।- संजीव कुमार, मार्केट कमेटी सचिव, जींद
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