08जेएनडी09: ग्राम पंचायत व विभाग के साथ हुए समझौते को दिखाते हुए सरपंच पर विभागीय अधिकारी। स्र
जींद। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की नई पेयजल आपूर्ति संचालन, प्रबंधन एवं रखरखाव नीति-2026 को अपनाते हुए ढिगाना गांव को रोल मॉडल बनाने की दिशा में ग्राम पंचायत ने पहल शुरू कर दी है। इसके तहत ग्राम पंचायत ने विभाग के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन के जिला सलाहकार रणधीर मताना ने बताया कि अप्रैल 2026 से लागू नई नीति के तहत सिंगल विलेज स्कीम वाले गांवों में पेयजल आपूर्ति के रखरखाव और प्रबंधन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी जा सकती है। इसके लिए जिले की सभी 300 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
ढिगाना के सरपंच विनोद कुमार ने बताया कि ग्राम सभा की बैठक में ग्रामीणों को नई नीति की जानकारी दी गई और सर्वसम्मति से इसे अपनाने का निर्णय लिया गया। गांव की जल एवं सीवरेज समिति तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की मदद से घर-घर जाकर लोगों को पानी बचाने और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक घर के नल पर टेप लगवाने, लीकेज रोकने और अस्वच्छ कनेक्शनों को हटाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पंचायत का मानना है कि इससे हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी।
गांगोली में 30 उपभोक्ताओं को नोटिस
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की संयुक्त टीम ने खंड समन्वयक सुरेंद्र दुग्गल के नेतृत्व में गांगोली गांव में विशेष जल संरक्षण अभियान चलाया। अभियान के दौरान अवैध, अस्वच्छ और बिना टेप वाले पेयजल कनेक्शनों की जांच की गई और 30 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए गए।