एसडीएम कार्यालय के सामने अभिभावकों के साथ धरने पर बैठीं छात्राएं।
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सफीदों। 20 दिन के लंबे संघर्ष के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा के गांव मुआना की छात्राओं को अपने पसंदीदा स्कूल में दाखिला मिला। मंगलवार को छात्राएं दाखिले की मांग को लेकर सुबह साढ़े नौ बजे एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गई थीं। इसके बाद एसडीएम मनदीप कुमार व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बातचीत दस बजे तक चली। बातचीत के करीब आधे घंटे बाद तक छात्राएं धरने पर बैठी रहीं। धरने का समर्थन डॉ. आंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया (डीएएसएफआई) हरियाणा के छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष जयदीप सिंहमार ने किया। जब खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. नरेश वर्मा ने कन्या स्कूल के प्राचार्य से एसएलसी देने व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य से लड़कियों को उनके पसंद के स्कूल में दाखिला देने का पत्र जारी किया गया तो छात्राएं धरने से उठीं और अपने अभिभावकों के साथ मुआना पहुंची।
मंगलवार को चार छात्राओं ने सहशिक्षा स्कूल में दाखिला लिया। वहीं मुआना में अपग्रेड हुए स्कूल के डीग्रेड होने का भी कोई खतरा नहीं है। उपमंडल का सबसे बड़ा गांव होने के कारण राजकीय कन्या स्कूल में 10वीं कक्षा में 88 छात्राएं थीं। इनमें से फिलहाल 47 छात्राओं के दाखिले कन्या स्कूल में 11वीं में होने बात सामने आई है। कुछ निजी स्कूलों से एसएलसी लेने के बाद भी छात्राओं ने 11वीं व 12वीं कक्षा में दाखिले लिए हैं। जो 17 छात्राएं कन्या स्कूल दूर होने से परेशान थीं, उन्हें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में ही दाखिला दिया जाएगा। पसंद के स्कूल में दाखिला लेने के लिए पिछले 20 दिन से छात्राएं संघर्ष कर रही थीं।