जींद। रोहतक रोड पर हुई ठेकेदार की हत्या के मामले में फरार आरोपियों को पुलिस 18 दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। हत्याकांड के एक दो लाख रुपये की इनाम बदमाश धर्मेंद पहलवान की रिमांड अवधि रविवार को पूरी हो जाएगी। ऐसे में इस मामले में पुलिस की जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामले में शुक्रवार देररात तक आईजी राकेश आर्य ने भी सीआईए थाने में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कई घंटों तक इस मामले में पूछताछ की। इसके बावजूद भी पुलिस को कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली। अब इसकी जांच में पुलिस की लगभग पांच से छह टीमें लगी हुई हैं।
18 दिन में शूटर का पता नहीं लगा पाई पुलिस
वारदात को हुए 18 दिन बीच चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी ठेकेदार श्याम सुंदर को गोलियां मारने वाले तीन शूटर का पता नहीं लगा पाई है। जबकि इसकी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज वारदात के दिन 23 नवंबर को ही सामने आ गई थी।
दो लाख के इनामी बदमाश से नहीं लगा सुराग
पुलिस को दो लाख के इनामी बदमाश धर्मेंद्र पहलवान से नौ दिन की पूछताछ के बाद कोई बड़ा सुराग नहीं लगा सकी। इन नौ दिनों में धर्मेंद्र पहलवान से केवल अवैध हथियार ही बरामद हुए। हालांकि इस मामले में पुलिस ने पोंकरी खेड़ी के तीन लोगों को भी अभी तक गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
एएसपी एवं एसआईटी इंचार्ज कुलदीप सिंह ने बताया कि ठेकेदार श्यामसुंदर हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पिछले 18 दिन से लगातार काम कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें बढ़ाई गई हैं, ताकि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जा सके।