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Jind News: ढैंचा से मिट्टी होगी उर्वरक, धान की बढ़ेगी पैदावार

Tue, 13 May 2025 02:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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12जेएनडी12- ढैंचा की फ सल की फाइल फोटो। संवाद
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नरवाना। खेतों में हरित खाद को बढ़ावा देने और किसानों की रासायनिक खाद पर निर्भरता को मुक्त करने के लिए कृषि विभाग ने कई योजनाएं चलाई हैं। गेहूं का सीजन खत्म हो चुका है और अब किसान अपने अपने खेतों में धान की फसल लगाने की तैयारियों में जुट जाएंगे।
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खेतों में किसान धान की फसल तो लगाते हैं, लेकिन उस फसल को तैयार करने के लिए उस फसल में कई प्रकार के रासायनिक खाद व कीटनाशक डालते हैं। इससे फसल तो होती है, लेकिन उस फसल में बहुत अधिक मात्रा में कीटनाशक मिल जाता है। इससे किसानों को जागरूक होने की जरूरत है। फसलों में कीटनाशकों का अधिक प्रयोग स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। अब धान की फसल का सीजन शुरू होगा। ऐसे में प्रदेश सरकार ने राज्य में हरित खाद को बढ़ावा देने, किसानों को रासायनिक खाद पर निर्भरता से मुक्ति दिलाने के लिए योजना लाई है।
ढैंचा उगाने वाले किसानों को सरकार की ओर से प्रति एकड़ एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। ढैंचा एक प्राकृतिक खाद है, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, नमी बनाए रखने व उत्पादन लागत घटाता है। वहीं नाइट्रेट से नाइट्रोजन पैदा करता है जो धान के पौधे के लिए बेहद लाभदायक होते हैं। यह योजना पहली बार प्रदेशभर में लागू की जा रही है।
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गेहूं की फसल का सीजन लगभग चला गया है। अब सभी किसान धान की फसल की तैयारियां कर रहे हैं। यदि इस बीच जो धान की फसल तक बीच में 40-45 दिनों को जो समय किसानों को मिलता है। उसमें किसान अपने खेत में हरित खाद स्वरूप ढैंचा की फसल लगा दे तो उन्हें धान की फसल लगाने पर खेत में ज्यादा खाद डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही प्रोत्साहन राशि का लाभ भी मिलेगा।
-डॉ. सुरेंद्र मोर, बीओ कृषि विभाग नरवाना।

किसानों के लिए विभिन्न स्कीमें

नरवाना कृषि व कल्याण विभाग एसडीओ डॉ. बलजीत लाठर ने बताया कि मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम के तहत धान की फसल छोड़कर अन्य फसलें जैसे कपास, मक्का, ज्वार, अरहर, मूंग और उड़द उगाने पर आठ हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि, फसल अवशेष प्रबंधन पर 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि, धान की सीधी बिजाई करने पर 4500 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि, प्राकृतिक खेती करने और देशी गाय खरीदने पर 30 हजार रुपये, गोबर गैस प्लांट लगाने पर सामान्य जाति के किसानों को 22750 रुपये व अनुसूचित जाति के किसान को 29250 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। हरी खाद के लिए ढैंचा बीज पर किसानों को 80 प्रतिशत व मूंग बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान राशि, देशी कपास बोने पर किसानों को 3 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 6 हजार रुपयेे प्रतिवर्ष, तिलहनी व दलहनी फसलें उगाने पर किसानों को 1200 और 2400 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि मिलती है
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-डॉ. बलजीत लाठर, एसडीओ कृषि व कल्याण विभाग नरवाना।
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