संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर के ऐतिहासिक जयंती देवी मंदिर के नाम से कुछ लोग श्रद्धालुओं को चूना लगा रहे हैं। मंदिर के नाम से लोगों से चंदा वसूला जा रहा है। जब यह रसीद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के हाथ लगी तो उन्होंने पुजारी नवीन शास्त्री को दिखाई। शास्त्री ने कहा कि इस प्रकार की कोई पर्चियां मंदिर की तरफ से नहीं काटी जा रही। इसके बाद काफी संख्या में श्रद्धालु डीसी से मिलने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
डीसी से मिलने पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि शहर में कुछ लोग जयंती देवी मंदिर के नाम से चंदे की पर्ची काट रहे हैं जबकि जयंती देवी मंदिर की तरफ से ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस मंदिर का संचालन जिला प्रशासन करता है और श्रद्धालु खुद यहां भंडारे व अन्य कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। इसके अलावा किसी भी श्रद्धालु से चंदा नहीं लिया जाता। आज तक मंदिर की तरफ से किसी की चंदे की पर्ची नहीं काटी गई है। मंदिर के अंदर दान-पत्र रखे गए हैं, लोग इनमें ही दान करते हैं। कुछ लोगों के हाथ ऐसी मंदिर के नाम पर चंदे के लिए काटी गई पर्चियां लगी हैं।
फिलहाल ऐसे किसी व्यक्ति का पता तो नहीं चला जो यह पर्चियां काट रहा है लेकिन यह श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन से इस प्रकार के असामाजिक तत्वों पर रोक लगाने की मांग की है। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने कहा कि मंदिर की तरफ से ऐसी किसी भी प्रकार की पर्चियां नहीं काटी जा रही हैं। यदि कोई व्यक्ति मंदिर के नाम से चंदे की पर्ची काटता मिले तो उसे तुरंत पकड़ कर पुलिस के हवाले करना चाहिए। डीसी ने श्रद्धालुओं को आश्वासन दिया कि इस मामले पर कार्रवाई की जाएगी।