फोटो 26जेएनडी06-निपुण हरियाणा मिशन के तहत चर्चा करते हुए जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ। स्रो
जींद। हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक के प्रशिक्षणों में अनुपस्थित रहे शिक्षकों का विवरण मांगा है। सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को यह जानकारी 29 जुलाई तक भेजनी होगी।
आदेश 25 जुलाई को सहायक निदेशक (अकादमिक) ने जारी किए थे। निदेशालय का लक्ष्य आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाना है। इसका उद्देश्य पूर्व में प्रशिक्षण से वंचित रहे शिक्षकों को प्राथमिकता देना है। विभाग चाहता है कि निपुण हरियाणा मिशन के तहत सभी शिक्षकों को समान अवसर मिले।
निदेशालय ने नवंबर 2022 के एफएलएन रिफ्रेशर प्रशिक्षण में अनुपस्थित शिक्षकों का रिकॉर्ड मांगा है। जून 2023 के छह दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण का विवरण भी इसमें शामिल है। सितंबर-अक्तूबर 2023 के ईसीसीई बालवाटिका-3 प्रशिक्षण की जानकारी भी मांगी गई है। मई-जून 2024 में कक्षा चौथी-पांचवीं के प्रशिक्षण का विवरण भी देना होगा।
नवंबर-दिसंबर 2024 के बालवाटिका प्रशिक्षण का रिकॉर्ड भी मांगा गया है। जून 2025 में कक्षा पहली से तीसरी के शिक्षकों के प्रशिक्षण की जानकारी भी देनी होगी। जनवरी 2026 के स्ट्रक्चर्ड ग्रुपिंग एवं रेमेडिएशन प्रशिक्षण में अनुपस्थित शिक्षकों का विवरण भी मांगा गया है। यह पूरा रिकॉर्ड निर्धारित गूगल शीट में भरकर भेजना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भेजी गई जानकारी पूरी तरह सत्यापित होनी चाहिए।
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प्रशिक्षण का महत्व
सत्यापित जानकारी से आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप तैयार होंगे। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित शिक्षक प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों को सफल बनाने में सहायक है। निपुण हरियाणा मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में भी इसकी अहम भूमिका है। इससे विद्यालयों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
वर्जन
निदेशालय ने निपुण हरियाणा मिशन के तहत वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक आयोजित प्रशिक्षणों में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों का ब्योरा 29 जुलाई तक भेजने के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।-राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक एफएलएन, जींद