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जिले में पिछले वर्ष की तरह सताने लगा डेंगू का डंक, सात नए मामले आए

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जींद। जिले में डेंगू का डंक सताने लगा है। रविवार को सात नए मामले आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप कमच गया। पिछले वर्ष डेंगू के 622 मामले आए थे जबकि इस वर्ष अब तक जिले में 31 मामले आ चुके हैं। पिछले वर्ष भी सितंबर के अंतिम सप्ताह में डेंगू की शुरुआत हुई थी। इस बार भी वही स्थिति बन रही है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शहर की कई कॉलोनियों में जाकर बुखार पीड़ितों के नमूने लेकर डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया।
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जलालपुर खुर्द में एक, विजय नगर में दो, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में एक, पिल्लूखेड़ा मंडी में दो तथा नरवाना की धर्मसिंह कॉलोनी में एक डेंगू का पॉजिटिव केस मिला है। विजय नगर कॉलोनी में अब तक चार डेंगू के मामले आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने विजय नगर के साथ-साथ इंप्लाइज कॉलोनी व राम कॉलोनी में जागरूकता अभियान चलाया। स्वास्थ्य निरिक्षक राममेहर वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मच्छरजनित रोगों पर निजात पाने के लिए घर-घर जाकर डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया तथा डायरिया रोगियों की पहचान करने तथा लोगों को इन बीमारियों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से बुखार से पीड़ित लोगों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। बाकायदा घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया औश्र कोरोना से बचाव के लिए जागरूक करते हुए पोस्टर आदि भी वितरित किए जा रहे हैं।
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2015 में आए थे सबसे अधिक डेंगू के मामले
जिले में सबसे ज्यादा वर्ष 2015 में 668 डेंगू के मामले सामने आए थे। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान से साल दर साल डेंगू का प्रकोप कम होता चला गया। विभाग की तरफ से सितंबर व अक्तूबर डेंगू के लिए पीक सीजन माना जाता है। डेंगू का मच्छर साफ पानी पर पनपता है। यह मौसम मच्छरों के पनपने लिए पूरी तरह से अनुकूल है। अब एक बार फिर से डेंगू ने दस्तक दी है तो स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
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जानें...डेंगू को लेकर स्थिति
वर्ष केस मिले
2015 668
2016 156
2017 135
2018 98
2019 47
2020 28
2021 622
2022 31 (अब तक)
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