28जेएनडी28: सर्वे के दौरान बीमार मिले लोगों के खून के सैंपल लेते स्वास्थ्य कर्मी
डेंगू ओर मलेरिया बीमारी को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की मेहनत का असर हो रहा है। इसके लिए तीन तरह से सैंपलिंग कर डेंगू और मलेरिया को रोकने का काम कर रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि वर्ष 2023 के बजाय वर्ष 2024 में बहुत कम मामले स्वास्थ्य विभाग को मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग को अबतक डेंगू के कुल 127 मामले मिल चुके हैं, जबकि मलेरिया के केवल चार ही मामले सामने आए हैं। 2023 में स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के 420 मामले मिले थे। जिले में सबसे ज्यादा वर्ष 2015 में 668 डेंगू के मामले सामने आए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान से साल दर साल डेंगू का प्रकोप कम होता चला गया है। विभाग की तरफ से सितंबर से लेकर नवंबर डेंगू के लिए पीक सीजन माना जाता है। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मच्छरजनित रोगों के अलावा दूषित पानी से होने वाली डायरिया, हैजा व पीलिया जैसी बीमारियों से निजात पाने के लिए लगातार अभियान चलाए हुए हैं।
स्वास्थ्य निरिक्षक राममेहर वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मच्छरजनित रोगों व दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी देने के अलावा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, खून की कमी की जांच करते हुए लोगों को समय पर इलाज लेने की सलाह दे रहे हैं। वीरवार को जींद शहर के अपराही मोहल्ला, जवाहर नगर, ओम नगर तथा अर्बन एस्टेट में डेंगू के दो मामले सामने आने पर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया के बचाव की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया है।
वर्ष
मलेरिया डेंगू चिकनगुनिया
2015
45
668 0
2016
17
157 15
2017
27
135 0
2018
17
98 0
2019
03
47 0
2020
00
28 1
2021
00
622 1
2022
00
535 1
2023
00
420 5
2024
04
127 00