22जेएनडी19 : रुपगढ़ गांव में लेबर कोड्स को लेकर बैठक में मौजूद मनरेगा मीट और मजदूद। स्रोत मनरेग
जींद। गांव रूपगढ़, पोंकरी खेड़ी, ईगराह, बीबीपुर, रामगढ़, घिमाना सहित कई गांवों में शनिवार को मनरेगा मेट व मजदूरों की बैठक में लेबर कोड्स लागू किए जाने का विरोध हुआ। यूनियन ने मांग की है कि चारों लेबर कोड्स को तुरंत रद्द किया जाए और मनरेगा के बंद किए गए काम शुरू किए जाएं।
मनरेगा मेट व मजदूर यूनियन हरियाणा के राज्य प्रधान कॉमरेड रमेश चंद्र और राज्य कमेटी सदस्य राजेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने चार लेबर कोड्स लागू कर दिए हैं जिससे संघर्षों से हासिल किए गए 29 श्रम कानून एक झटके में समाप्त हो गए।
यूनियन ने मनरेगा मजदूरों की जियो टैग हाजिरी समाप्त कर वर्कसाइट पर ऑफलाइन हाजिरी लागू करने, 200 दिन काम व 800 रुपये मजदूरी तय करने, बकाया भुगतान तुरंत जारी करने, महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये प्रतिमाह देने और मेट को कुशल मजदूर का दर्जा देने जैसी मांगें रखीं।
मजदूरों को दुर्घटना में दस लाख मुआवजा, बीपीएल कार्ड, सस्ती दरों पर जरूरी वस्तुएं, आवास योजना का अनुदान, 100 गज प्लॉट व मेट का किराया-भत्ता देने की मांग भी उठाई गई।
संवाद