27जेएनडी13-नगराधीश आशीष देशवाल को ज्ञापन सौंपते हुए सदस्य। स्रोत स्वयं
- फोटो : शिक्षक कर्मचारी संघ की बैठक में मौजूद शिक्षक एवं कर्मचारी।
जींद। बौद्ध उपासक उपासिका संघ जींद के तत्वावधान में भनते कांशी रत्न के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम नगराधीश आशीष देशवाल को ज्ञापन सौंपा। इसके माध्यम से बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 को तुरंत रद्द करने मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13 में कहा गया कि भारत के संविधान के लागू होने पर 26 जनवरी 1950 से पहले के सभी प्रकार के कानूनी प्रावधान शून्य और अमान्य हो गए थे। फिर भी बिहार सरकार ने बोधगया मंदिर अधिनियम 1949 आज तक रद्द नहीं किया। इससे बौद्ध अनुयायियों और बौद्ध भिक्षुओं में रोष है। देशराज सरोहा ने कहा अगर बोध गया मंदिर 1949 एक्ट तुरंत रद्द नहीं किया तो इस देश का बहुजन समाज आंदोलन के लिए मजबूर होगा। अगर जरूरत पड़ी तो भारत बंद करने से गुरेज नहीं करेंगे। इस मौके पर डॉ. वजीर चौहान, गुरनाम सिंह बोधाचार्य और रामेश्वर भी मौजूद रहे।